दूल्हे को जबरन घोड़ी से उतारे जाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी की लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली है। लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही आरोपी की तलाश में उसके छिपने के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। हालांकि कोतवाली में पुलिस के सामने ही आरोपी पक्ष की ओर से दिनभर समझौते का प्रयास किया जाता रहा, लेकिन पीड़ित पक्ष ने समझौते से साफ इनकार कर दिया। चर्चा है कि अनुसूचित जाति से होने के चलते दूल्हे का घोड़ी पर बैठना गांव के कुछ दबंग लोगों को नागवार गुजरा था।
बुधवार रात को बेगमपुर बहादराबाद से गणेशपुर पहुंची बारात में गांव के कुछ दबंग युवकों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा कर दिया था। दबंगों ने गांव के बीच से दूल्हे के घोड़ी पर चढ़कर जाने और बैंडबाजे बजाते हुए बारात ले जाने पर आपत्ति जताते हुए दूल्हे को घोड़ी से नीचे उतारने का प्रयास भी किया। इसी बात पर मौके पर हंगामा हो गया और बारात रुक गई। बारातियों के विरोध करने पर हंगामा काट रहे युवकों ने बंदूक से दनादन फायर कर दहशत फैला दी।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी युवक फरार हो गए। इसपर पुलिस के पहरे में बारात निकाली गई। इस सिलसिले में दूल्हे की बहन शिखा ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसमें विशाल नामक युवक को नामजद किया गया था। मामले की जांच कर रहे एसआई एसके चौहान ने बताया कि आरोपी विशाल की ओर से जिस बंदूक से फायरिंग की गई थी उसे जब्त कर लिया गया है। बंदूक उसके पिता अजब सिंह के नाम पर है। आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बंदूक का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिलाधिकारी हरिद्वार को रिपोर्ट भेजी जा रही है। आरोपी पक्ष के लोगों की ओर से कोतवाली में दिनभर पीड़ित पक्ष पर पुलिस के सामने ही समझौते के लिए दबाव बनाया गया, लेकिन पीड़ित पक्ष ने समझौते से साफ इनकार कर दिया।