मंगलौर पुलिस ने पीरपुरा मार्ग स्थित एक बाग में छापा मारकर 14 लोगों को जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से दांव पर लगाए गए दो लाख रुपये भी बरामद करने का दावा किया है। सभी जुआरियों का चालान कर दिया गया है।
कोतवाली में एएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि शुक्रवार की शाम पीरपुरा जाने वाले मार्ग पर स्थित एक बाग में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की एक टीम ने बाग की घेराबंदी कर 14 जुआरियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से 2,21,890 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस ने एएसपी ने बताया कि पकड़े गए जुआरियों में एक अधिवक्ता व पूर्व सभासद का पुत्र शामिल है। दो जुआरी यूपी के मुजफ्फरनगर और देवबंद के निवासी हैं। नगर में लंबे समय से जुआ खेले जाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पकड़े गए जुआरियों में नगर के किला निवासी रियासत, साजिद, आजिद, मोहल्ला टोली निवासी शाहनवाज, नौशाद, मोहल्ला पठानपुरा निवासी महबूब, असलम, मोहल्ला मलकपुरा निवासी शेर अली, राशिद, मोहल्ला कायस्थान निवासी मनीष, मोहल्ला सरावज्ञान निवासी तुषार, मोहल्ला लालबाड़ा निवासी शहजादा, सोंजनी थाना तितावी मुजफ्फरनगर निवासी सुभाष व अम्बेहटा थाना देवबंद निवासी सलीम शामिल हैं। जुआरियों को पकड़ने वाली टीम में कोतवाल उत्तम सिंह, एसआई महेश लखेड़ा, एसआई कैलाश बिष्ट, एसआई टीना रावत, एसआई प्रताप चौहान, एसआई सतेंद्र धामा, बाबू खां, माजिद सोहन, नन्द किशोर, मोहित, शाहआलम, राजीव, फूल सिंह, संदीप, अमित, राकेश, चन्दन, अंकित, पूरण दानू, विक्रम, देवेश, प्रदीप व प्रभाकर शामिल थे।
नेताओं के आते रहे फोन
मंगलौर में की गई छापेमारी के दौरान 14 जुआरी धरे जाने के बाद पुलिस अधिकारियों के पास सिफारिशी फोन आते रहे। कई नेता आरोपी जुआरियों को छुड़ाने की सिफारिश करते रहे, लेकिन उनकी एक न चली।
नगर से सटे बाग बने अड्डे
मंगलौर के नगर से सटे बागों में लंबे समय से जुआ खेला जा रहा है। बागों व खेतों का इस्तेमाल जुआ खेलने के सुरक्षित ठिकानों के तौर पर किया जा रहा है।
नगर और देहात क्षेत्रों में जुए की लत लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस यदा कदा किसी छोटे मोटे सटोरिए को जेल भेज देती है, लेकिन जमानत योग्य धारा होने के कारण सटोरिए कोर्ट से छूट कर पुलिस कर्मियों के पहुंचने से पहले ही अपने घर पहुंच जाता है। नगर के पीरपुरा रोड के अलावा पठानपुरा से भट्ठे की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित एक बाग भी जुए का बड़ा अड्डा बना हुआ है। इसमें मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर व बिजनौर तक से जुआरी जुआ खेलने आते हैं। इस दौरान पुलिस से बचाव के लिए एक व्यक्ति को सड़क पर बैठा दिया जाता है जो पुलिस को देखकर मोबाइल से जुआरियों को सूचना देने का काम करता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जुए के अड्डों पर सुबह सेे देर शाम तक जुआ खेला जाता है। जुआरियों के परिवार वालों को सबसे ज्यादा दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सामाजिक बुराई के खिलाफ लोगों को पुलिस का साथ देना चाहिए।