फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Roorkee News: छह माह में पुलिस नहीं बनवा पाई दीवार, न ही मिला इंसाफ

विज्ञापन
विज्ञापन
Iइंसाफ के लिए भटक रहे लोग- लोगो
विज्ञापन

I
Iपुलिस ने दीवार बनवाने के लिए दोनों पक्षों में करवाई थी सुलह, अब इन्कारI
Iकोतवाली के चक्कर काटने को मजबूर है पीड़ित बुजुर्ग
I
I पुलिस की कथनी और करनी में अंतर से आम आदमी का विश्वास उठता जा रहा है। इसकी एक बानगीभर हैं बुजुर्ग सुंदर। कुछ दबंगों ने उनकी घर की दीवार गिरा दी। विरोध किया तो बुजुर्ग और परिवार से मारपीट कर दी। पुलिस ने दोनों पक्षों में लिखित में सुलह करा दी और भरोसा दिया कि दीवार बनेगी लेकिन छह माह बाद भी दीवार नहीं बन पाई है। पीड़ित कोतवाली के चक्कर काटने को मजबूर हैं।I
I
I
Iसिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र स्थित गांव जौरासी निवासी सुंदर ने बताया कि 18 जुलाई को वह और उनका बेटा घर से बाहर गए थे। इस बीच कुछ दबंगों ने उनकी घर की दीवार तोड़ डाली। उन्होंने इसका विरोध किया तो दबंगों ने उनके और बेटे के साथ मारपीट कर दी। मामले में पुलिस को तहरीर दी गई थी। पुलिस ने चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया था।
विज्ञापन

I
Iबुजुर्ग ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनपर दबाव बनाकर दूसरे पक्ष से लिखित में समझौता कराया था और भरोसा दिलवाया था कि दीवार जैसी पहली थी वैसी ही बनाई जाएगी। उस बात को छह माह बीत चुके हैं लेकिन दीवार नहीं बन पाई है। वह दीवार बनाने का प्रयास करते हैं तो दबंग विरोध कर धमकी दे रहे हैं। दीवार बनाने के लिए वह छह माह से कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है।
I
I
I
Iएक सिपाही की कारगुजारी पड़ रही भारी
I
Iसिविल लाइंस कोतवाली में तैनात एक सिपाही की कारगुजारी बुजुर्ग के परिवार पर भारी पड़ रही है। दरअसल, समझौता सिपाही ने ही दबाव बनवाकर कराया था। अपने अधिकारियों और पीड़ित को भरोसा दिलाया था कि वह दीवार फिर से बनवा देगा। बताया जा रहा है कि समझौता करवाने के बाद सिपाही दूसरे पक्ष से मिल गया और अब पीड़ित को ही उल्टा धमका रहा है।
विज्ञापन

I
I
I
Iअगर ऐसा है तो इस संबंध में जानकारी ली जाएगी। सिपाही की भूमिका भी जांच कराई जाएगी। जांच में अगर आरोप सही पाए गए तो विभागीय कार्रवाई की जाएगी।- प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपीI
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें