नगर निगम के सफाई नायक बसंत की हत्या में शूटर समेत दो आरोपियों को पुलिस व एसओजी की टीम ने दबोच लिया है। जबकि तीसरा आरोपी पुलिस को गच्चा देते हुए पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर खुद जेल पहुंचा है। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दो तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं।
नगर निगम के सफाई नायक चौधरी बसंत की 25 जनवरी को गोली मारकर हत्या की गई थी। सप्ताह भर बाद पुलिस और एसओजी ने एक आरोपी बुल्ला उर्फ विनय को गिरफ्तार कर हत्या के पीछे जेल में बंद प्रवीण वाल्मीकि की भूमिका से पर्दा उठाया था। लेकिन मनीष उर्फ बाबू, पंकज, विशाल, आशीष उर्फ कन्नू व पंडित फरार चल रहे थे। रविवार को गंगनहर कोतवाली में सीओ रुड़की कुलदीप असवाल ने पत्रकार वार्ता में हत्याकांड से जुड़े कई पहलुओं को उजागर किया।
हरिद्वार-दिल्ली राजमार्ग पर कोर कालेज तिराहे से रविवार सुबह मनीष उर्फ बाबू और पंकज निवासी गोल भट्टा मिलापनगर कालोनी रुड़की को गिरफ्तार किया गया। इसी कॉलोनी का विशाल एक पुराने मामले में अपनी जमानत तुड़वाकर खुद जेल पहुंच गया। हत्याकांड में अभी तक यह माना जा रहा था कि बसंत की मौत शूटर पंडित उर्फ नीरज के तमंचे से निकली गोली से हुई थी। लेकिन आरोपियों की गिरफ्तार से खुलासा हुआ कि बसंत पर पहली गोली बाइक पर बीच में बैठे पंकज ने चलाई थी।
सीओ ने बताया कि पंकज के गोली मारने के बाद पीछे बैठे पंडित उर्फ नीरज ने भी बसंत पर गोली चलाई थी। लेकिन उसका हाथ ट्रिगर के बजाय लॉक पर पड़ने से तमंचा खुल गया और गोली नहीं चल पाई। कोतवाली प्रभारी जवाहर लाल ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर रेलवे पुल व डबल फाटक के बीच झाड़ियों से दोनों तमंचे बरामद कर लिए हैं। खोका-कारतूस के अलावा चार जिंदा कारतूस भी मिले हैं। फरार चल रहे प्रवीण वाल्मीकि के भांजे आशीष उर्फ कन्नू और पंडित उर्फ नीरज को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।