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तीन दिन से लोगों की आंखों में वैक्सीन का इंतजार

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रुड़की। शहर में तीन दिन से किसी भी सेंटर पर वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है। लोग हर दिन एक उम्मीद लेकर सेंटरों पर पहुंचते हैं और नो वैक्सीन का बोर्ड देखकर निराश होकर लौट जाते हैं। इन लोगों को वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार है। वहीं सिविल अस्पताल में 24 घंटे वैक्सीनेशन किए जाने के दावे भी हवाई साबित हो रहे हैं। यहां पर भी तीन दिन से केंद्र पर ताले लटके पड़े हैं।
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शहर में कुछ समय पहले बिना स्लॉट बुक कराए वैक्सीनेशन लगाए जाने की व्यवस्था शुरू की गई थी। इससे युवा पूरे उत्साह के साथ सेंटरों पर वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंच रहे थे। लोगों की सुविधा के लिए शहर में बीएसएम इंटर कॉलेज, गांधी महिला शिल्प विद्यालय, आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर, मूलराज इंटर कॉलेज, प्राथमिक स्कूल नंबर 14, नगर निगम, विश्व बाल मंदिर जूनियर हाईस्कूल आदर्शनगर, पुहाना, हेल्पिंग हैंड और सिविल अस्पताल सहित 10 वैक्सीनेशन सेंटर खोले गए हैं, लेकिन तीन दिन से वैक्सीन खत्म होने के चलते यहां वैक्सीनेशन नहीं हो रहा है, जबकि अभी बड़ी संख्या में 18 और 45 से ऊपर वाले टीका लगवाने से महरूम हैं। वहीं अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका बनने लगी है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, लेकिन अब जिले में वैक्सीन ही खत्म हो गई है। स्थानीय लोग आए दिन सेंटर पर पहुंचकर वैक्सीन की जानकारी ले रहे हैं और नो वैक्सीन का बोर्ड लगा देख निराश होकर लौट रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ समय पहले सिविल अस्पताल में 24 घंटे वैक्सीनेशन किए जाने के दावे किए गए थे। कुछ दिन यह व्यवस्था भी चली, लेकिन वर्तमान में यह सेंटर भी सुनसान पड़ा है। सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि वैक्सीन के लिए जिले से संपर्क किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही वैक्सीन आ जाएगी।
पांच लाख लोगों को दूसरी डोज का इंतजार
जिले में कुछ समय पहले बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन अभियान चलाया गया था। जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों ने भी गांव-गांव और मोहल्ले-मोहल्ले जाकर लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया था। जनप्रतिनिधियों की पहल रंग भी लाई और सेंटरों पर लोगों की भीड़ उमड़ने लगी। वहीं वर्तमान में स्थिति यह है कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने के भी लाले पड़े हैं। सेंटरों पर हर दिन दूसरी डोज लगवाने वाले 18 से 22 लोग पहुंच रहे हैं। इनका कहना है कि यदि दूसरी डोज में लंबा अंतराल निकला तो पहली डोज लगवाने का भी कोई फायदा नहीं होगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस समय जिले में करीब पांच लाख लोगों को वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी है। इसमें 45 से ऊपर वाले 2,23,767 लोग हैं जबकि 18 से ऊपर वाले 2,36,677 लोग शामिल हैं। इनमें से करीब एक लाख लोग ऐसे हैं, जिन्हें हाल ही में वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी थी, लेकिन वैक्सीन खत्म होने से इन्हें निराशा हाथ लग रही है।
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वैक्सीन का इंतजार कर रहे लोग
सोमवार को नगर निगम में वैक्सीन लगवाने के लिए गया था, लेकिन तब तक वैक्सीन खत्म हो चुकी थी। आश्वासन दिया गया कि दो दिन में वैक्सीन आ जाएगी, लेकिन आज तक वैक्सीन नहीं पहुंची।
-पंकज सैनी, मयूर विहार
शुरू में आए दिन आंगनबाड़ी और आशाएं घर पहुंचकर वैक्सीन के लिए प्रेरित कर रही थीं। अब वैक्सीन के लिए वे लगातार अलग-अलग सेंटरों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन निराशा हाथ लग रही है।
-अजय कुमार, प्रेमकुंज
स्वास्थ्य विभाग को कम से कम दूसरी डोज वालों के लिए तो वैक्सीन की व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्हें चार दिन पहले वैक्सीन लगनी थी, लेकिन अब तक नहीं लग पाई है।
-सरोज देवी, शेरपुर
तीन दिन से लगातार वैक्सीन लगवाने के लिए बीएसएम इंटर कॉलेज और मूलराज इंटर कॉलेज में पहुंच रहे हैं, लेकिन हर जगह जल्द ही वैक्सीन आने का आश्वासन दिया जा रहा है।
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-माधव अग्रवाल
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