एक स्कूल में ऑनलाइन एडमिशन आवेदन करने की प्रक्रिया को लेकर हंगामा करते परिजन।
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एक निजी स्कूल पर एक सप्ताह के अंदर अभिभावकों ने दाखिले की ऑनलाइन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दूसरी बार हंगामा किया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधक ने ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए केवल ढाई मिनट के लिए साइट खोली। इतने कम समय में अभिभावक आधे से भी कम फॉर्म भर पाए। ऐसे में गुस्साए अभिभावक स्कूल पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों की बात नहीं सुनने पर उन्होंने स्कूल प्रबंधक पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
2022-23 शैक्षिक सत्र में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एक निजी स्कूल में दाखिला प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने फॉर्म भरने के लिए शनिवार का समय दिया था। निर्धारित समय पर साइट खोली गई। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने केवल ढाई मिनट के लिए साइट खोली और बंद कर दी। इतने कम समय में अभिभावक फॉर्म आधे से भी कम भर पाए थे जबकि फॉर्म के साथ डॉक्यूमेंट, फोटो आदि अटैच करने में भी समय लग रहा था। साइट बंद होने पर भड़के अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उनका कहना था कि इतने कम समय में फार्म भरा नहीं जा सकता है। वहीं, प्रबंधक का कहना था कि दाखिले पूरे होने के चलते साइट बंद कर दी गई थी। इस पर अभिभावकों का गुस्सा और भड़क गया। उन्होंने मामले की शिकायत शिक्षा अधिकारियों और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से करने की चेतावनी दी। साथ ही प्रक्रिया दोबारा शुरू नहीं करने पर प्रदर्शन की भी चेतावनी दी। उपखंड शिक्षा अधिकारी सावेद आलम ने बताया कि पहले जो शिकायत आई थी, उसमें समझौता हो गया था। इस विवाद की सोमवार को जांच की जाएगी।
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अभिभावकों की चुनौती के आगे मौन हुआ स्टाफ
हंगामे के दौरान कुछ अभिभावकों ने सभी को शांत होने के लिए कहा। साथ ही स्कूल स्टाफ को चुनौती दी कि यदि उनका कोई कंप्यूटर ऑपरेटर आवेदन फॉर्म को ढाई मिनट में भर देगा तो वह चुपचाप लौट जाएंगे, लेकिन स्कूल स्टाफ चुनौती स्वीकार नहीं कर पाया और शांत हो गया।
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चार दिन पहले भी हुआ था इसी स्कूल पर हंगामा
चार दिन पहले ही इसी स्कूल में अभिभावकों ने हंगामा किया था। तब आरोप था कि स्कूल फरवरी में शुरू हो गए और स्कूल प्रबंधक दिसंबर से मेंटेनेंस फीस मांग रहे हैं। अभिभावकों ने शिक्षा अधिकारियों के साथ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट से भी शिकायत की थी। तब ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।