रात्रि के समय अलावलपुर गांव में घुसे विशाल मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम के नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने वनविभाग के अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर हंगामा किया।
मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। उसके बाद वन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। गांव पहुंची टीम ने ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को पकड़कर गंगा में छोड़ दिया।
शनिवार रात्रि एक विशाल मगरमच्छ अलावलपुर गांव में घुस गया था। ग्रामीणों ने शोर मचाकर सबको सतर्क कर दिया और मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी।
इस बीच मगरमच्छ गांव के रास्ते पर ही घूमता रहा। ग्रामीणों ने मामले की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को दी, लेकिन अधिकारियों ने मौके पर पहुंचने के बजाय अपना मोबाइल फोन ही बंद कर दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर हंगामा किया। साथ ही मामले की जानकारी वन विभाग के उच्च अधिकारियों को दी। ग्रामीण अशोक कुमार, संजीव कुमार, रामकुमार भाटी, आवेश कुमार, कमरपाल, लोकेश कुमार, महक सिंह आदि का कहना था कि अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद उन्होंने फोन बंद कर दिया।
करीब दस दिन पहले भी घर में मगरमच्छ घुसने के बाद वन अधिकारियों को जानकारी देने पर भी गांव में कोई नहीं पहुंचा। ग्रामीणों ने खुद ही किसी तरह से मगरमच्छ को गांव से बाहर निकाला। उच्चाधिकारियों को जानकारी देने के बाद वनविभाग के अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने टीम के साथ गांव में पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ा। वन क्षोत्राधिकारी लक्सर दिगंबर भारती का कहना है कि ग्रामीणों की सूचना पर टीम ने मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को पकड़ लिया और गंगा में ले जाकर छोड़ दिया है।