जिला उपभोक्ता फोरम ने उपभोक्ता सेवाओं में लापरवाही के लिए एक्सिस बैंक और भारती एयरटेल को जिम्मेदार मानते हुए एक महीने के अंदर उपभोक्ता को 1,90,560 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ अदा करने के आदेश दिए हैं। साथ ही वाद खर्च के रूप में पांच हजार रुपये अतिरिक्त भुगतान करने का भी फैैसला सुनाया है।
उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ वकील श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि रुड़की निवासी डॉ. जगमोहन लाल भटनागर और उनकी पत्नी डॉ. संध्या भटनागर ने एक्सिस बैंक में अपना संयुक्त बचत खाता खुलवाया है। खाते से संबंधित नेटवर्किंग और मैसेज सुविधा भी मोबाइल फोन पर ली हुई है। 21 मार्च वर्ष 2017 को कोई बिल बकाया न होते हुए भी भारती एयरटेल ने उनके फोन की सेवाएं बंद कर दी और इसी बीच उनके खाते से विभिन चरणों में साढ़े तीन लाख रुपये का ट्रांजेक्शन गैर के खातों में गलत रूप से कर दिया। इसकी जानकारी मोबाइल सेवा शुरू होने के बाद उपभोक्ता को मिल पाई। यह भी पता चला कि उनके मोबाइल कनेक्शन के संबंध में डुप्लीकेट सिम भी गलत रूप से मेरठ से जारी किया गया जबकि जगमोहन उस समय रुड़की में ही थे।
उन्होंने बैंक और भारती एयरटेल की लापरवाही को लेकर 17 अगस्त 2017 को उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद एक्सिस बैंक ने साढ़े तीन लाख में से 1,59,420 रुपये उपभोक्ता के खाते में भेज दिए। लिहाजा बाकी की राशि के लिए उपभोक्ता फोरम से फरियाद की गई। उपभोक्ता फोरम ने साक्ष्य के आधार पर बैंक और एयरटेल कंपनी को सेवा में कमी के लिए जिम्मेदार माना। फोरम के अध्यक्ष कंवर सैन, सदस्य अंजना चड्ढा और विपिन कुमार ने उपभोक्ता को 1,90,560 रुपये मय ब्याज और वाद खर्च पांच हजार रुपये अदा करने के लिए दोषी बैंक व एयरटेल कंपनी को आदेश दिया है।