रुड़की। ट्रेवल एजेंट के वीजा रेफरेंस नंबर गलत बताने के कारण वीजा कैंसल हो जाने और इस कारण नवयुगल के हनीमून पर न जा पाने को उपभोक्ता सेवा में कमी माना है। फोरम ने टूर पैकेज के रूप में जमा कराई गई एक लाख बीस हजार की धनराशि को मय 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटाने का आदेश ट्रेवल एजेंट अश्वनी सैनी एंड कंपनी कोक्स एंड किंग्स लिमिटेड को दिया है।
उपभोक्ता मामलों के वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि सोलानीपुरम रुड़की निवासी आकांक्षा गर्ग की शादी 24 जून 2018 को आशीष अग्रवाल के साथ हुई थी। शादी के बाद वे 4 जुलाई 2018 को हनीमून पर यूरोप जाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अश्वनी सैनी एंड कंपनी कोक्स एंड किंग्स लिमिटेड से दो लाख 40 रुपये में यूरोप आने जाने, ठहरने, खाने पीने, घूमने और वीजा दिलाने का टूर पैकेज तय किया था। इस बाबत ट्रेवल एजेंट को 2 अप्रैल को 60 हजार रुपये व 10 अप्रैल को फिर 60 हजार रुपये यानी कुल एक लाख बीस हजार रुपये जमा किए थे, लेकिन ट्रेवल एजेंट के आवेदित वीजा का रेफरेंस नंबर गलत बता देने के कारण वीजा कैंसल हो गया और वे यूरोप नहीं जा सके। इस पर पीड़ित ने ट्रेवल एजेंट से रुपये वापस मांगे तो उसने नहीं दिए। इस पर उन्होंने जिला उपभोक्ता फोरम में 29 नवंबर 2018 को शिकायत दर्ज कराई। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष कंवर सैन व सदस्यगण अंजना चड्ढा एवं विपिन कुमार ने मामले की सुनवाई के बाद ट्रेवल एजेंट को उपभोक्ता सेवा में कमी का दोषी पाया। फोरम ने उपभोक्ता के जमा किए गए एक लाख बीस हजार रुपये मय 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज व पांच हजार रुपये वाद व्यय के रूप में दिए जाने का फैसला सुनाया है।