रुड़की। प्रदेश में इंटरमीडिएट में राज्यस्तर पर 18वीं रैंक हासिल करने वाली कुमारी आफरीन के पिता की बुधवार को मौत हो गई। रेहड़ी पर फल बेचकर बेटी का जज बनने का सपना पूरा किए बिना इस संसार से विदा लेने के चलते क्षेत्र के लोगों में शोक है। हर कोई बेटी को घर पहुंचकर ढांढस बंधा रहा है और उसकी पढ़ाई में हर तरह की मदद का भरोसा दे रहा है।
इंटर में प्रदेश की मेरिट में स्थान पाने पर पिता गुलफाम ने कहा था कि बेटी के जज बनने के सपने को पूरा करने के लिए मैं खुद को भी बेच दूंगा, लेकिन हार्ट अटेक से हुई मौत ने उनसे बेटी के सपनों को भी छीन लिया है। हालांकि, गमगीन बेटी का कहना है कि वह हर मुश्किलों का सामना करके अपने पिता का सपना पूरा करेगी। आफरीन ने राज्य कन्या इंटर कॉलेज मंगलौर से इंटर पास की थी। उस दौरान सोशल मीडिया पर भी आफरीन छाई रही। उसे प्रोत्साहन के लिए हजारों कमेंट मिले थे। प्रधानाचार्य शाने करीम सिद्दीकी ने बताया कि आफरीन प्रतिभा की धनी है और वह जज जरूर बनेगी। मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने उसे सर्टिफिकेट देकर हौसला बढ़ाया है। कस्बे के लोग भी उसे प्रोत्साहित कर रहे हैं। बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली आफरीन के पिता ने फल बेचकर घर का खर्च चलाया है। छोटा भाई भी स्कूल में पढ़ाई कर रहा है। ऐसे में आफरीन के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। आफरीन के पिता की मौत पर विधायक काजी निजामुद्दीन, पूर्व विधायक सरबत करीम अंसारी, चेयरमैन हाजी नौशाद अहमद, बसपा नेता डॉ. शमशाद, जुल्फकार, अख्तर अंसारी आदि ने शोक प्रकट किया है।