भीम आर्मी के नेतृत्व में स्वयं सहायता समूह कार्यकर्ताओं ने टीएचआर राशन वितरण टेंडर रोकने के विरोध में तहसील पहुंचकर हंगामा करते हुए प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम से एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
शनिवार को भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष अमरीश कपिल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह के कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद एक ज्ञापन एसडीएम स्मृता परमार असवाल को सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराए जाने वाले राशन की पैकिंग कराने के लिए 2014 से पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की सरकार ने महिलाओं के उत्थान के उद्देश्य से उनका स्वयं सहायता समूह बनाया था। इसके बाद समूह से जुड़ी महिलाएं राशन को पैकिंग करने का काम कर अपनी आजीविका चला रही थीं। बताया कि वर्तमान में समूह के माध्यम से ही राशन पैकिंग किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान सरकार की ओर से टीएचआर (टेक होम राशन) की पैकिंग करने की प्रक्रिया बंद की जा रही है। साथ ही बड़े उद्योगपतियों को यह काम सौंपने की तैयारी की जा रही है। जानकारी मिली कि राशन वितरण का टेंडर भी रोक दिया गया है। बताया कि अगर ऐसा हुआ तो उत्तराखंड प्रदेश की समूह से जुड़ी महिलाएं बेरोजगार हो जाएंगी। इस दौरान भीम आर्मी के राजेंद्र लांबा, सोनू खुराना, जसवीर समेत स्वयं सहायता समूह से दानिस्ता, आरती, अंजू, बेबी, कौशल्या, नीलम, सरिता और रेखा आदि शामिल रहे।