कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन, सीओ के आश्वासन पर माने
छावनी परिषद के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने परिषद को निकाय में शामिल किए जाने का विरोध किया है। साथ ही प्रदर्शन करते हुए आदेश वापस लिए जाने की मांग की है।
हाल ही में शासन ने कई छावनी परिषदों को निकाय में शामिल करने के आदेश जारी किए हैं। इसके बाद रुड़की छावनी परिषद कर्मचारियों में भी खलबली मच गई है। इसे लेकर मंगलवार को रुड़की स्थित छावनी परिषद कार्यालय में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें इसी विभाग में नौकरी करते हुए कई साल हो गए हैं। अब दूसरे विभाग में जाएंगे तो उनके सैलरी, पीएफ, पेंशन में दिक्कतें आएंगी।
साथ ही इस विभाग में प्रमोशन पा चुके कर्मचारियों को फिर से नए सिरे से नौकरी पर रखा जाएगा। कर्मचारियों ने हिमाचल की एक छावनी परिषद का हवाला देते हुए बताया कि वहां छावनी परिषद के कर्मचारियों को अलग-अलग विभागों में भेजा गया है। जहां नौकरी करने में उन्हें दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में परिषद को नगर निगम से जोड़ना ठीक नहीं है। फैसला वापस न लिया तो आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, परिषद के सीईओ विशाल सारस्वत ने कर्मचारियों को समझाकर मामला शांत करवाया। आश्वासन दिया कि वह उनकी मांगों को उच्चस्तर तक पहुंचाएंगे। इस दौरान अजय त्यागी, नरेंद्र कुमार, आशुतोष सिंह यादव, राकेश कुमार, निलेश कुमार, पंकज, अमित शर्मा, मोहित बंसल, सचिन, दिनेश, अनीता, विकास बंसल, गुलनवाज आदि मौजूद रहे।