समूह ग से लेकर यूपीएससी की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया है। ब्लॉक परिसर में ई-लाइब्रेरी खुल गई है। छात्र-छात्राओं ने तैयारी के लिए लाइब्रेरी आना भी शुरू कर दिया है। इस लाइब्रेरी को स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्वयं संचालित कर रही हैं
शहर में अब तक समूह ग से लेकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) आदि की अपने स्तर पर तैयारी करने के लिए या ज्ञान बढ़ाने के लिए कोई स्थायी लाइब्रेरी नहीं थी। ऐसे में परीक्षा की तैयारी करने के लिए छात्र-छात्राओं को कोचिंग सेंटरों पर ही निर्भर रहना पड़ता था। बहुत से छात्र ऐसे भी हैं जो कोचिंग की फीस जमा करने में असमर्थ होते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे छात्रों की मदद के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने बीड़ा उठाया था। एनआरएलएम की ब्लॉक मिशन प्रबंधक रोमा सैनी के अनुसार उन्होंने कुछ साल पहले यूपीएससी की तैयारी की थी। उस दौरान उन्हें शहर में एक लाइब्रेरी की कमी खली। ऐसे में उन्होंने एनआरएलएम के तहत रुड़की ब्लॉक परिसर में खाली पड़े एक हॉल को लाइब्रेरी में बदलने के लिए विभाग के सामने प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी बनकर कुछ महीने पहले तैयार हो गई थी लेकिन किन्हीं कारणों से ये खुल नहीं पाई थी। उन्होंने बताया कि इस समय लाइब्रेरी में कंप्यूटर, एसी, फर्नीचर, हर विषय की किताबें, अधिकतर न्यूज पेपर, मैगजीन आदि उपलब्ध हैं। इस लाइब्रेरी को स्वयं सहायता समूह की लाइब्रेरी का प्रशिक्षण प्राप्त महिला संचालित कर रही है। महिला की आजीविका को ध्यान में रखते हुए छात्रों से रजिस्ट्रेशन शुल्क 200 और 300 रुपये प्रतिमाह लाइब्रेरी शुल्क लिया जा रहा है।
हर दिन एक घंटे की होगी क्लास
ई-लाइब्रेरी में पढ़ने आने वाले छात्रों की बेहतर तैयारी के लिए उनकी हर दिन एक घंटे की क्लास ली जाएगी। ब्लॉक मिशन प्रबंधक रोमा सैनी ने बताया कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के दौरान छात्रों को कुछ न कुछ दिक्कत जरूर आती है। छात्रों की इन दिक्कतों का समाधान करने के लिए वे स्वयं हर दिन एक घंटे की क्लास लेना शुरू कर रही हैं। इस दौरान वे छात्रों को यूपीएससी की तैयारियों की जानकारी देंगी। साथ ही जिन छात्रों के मन में कोई शंका हो उसे पूछकर उसका समाधान भी कर सकते हैं।