कारोबारी के घर तमंचे के बल पर लूट के मामले में मुजफ्फरनगर जेल में बंद तीन बदमाशों को रिमांड पर लेकर पुलिस ने उनकी निशानदेही पर लूट का सामान बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को वापस जेल भेज दिया। एक बदमाश को भगवानपुर पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है।
सिविल लाइंस कोतवाली में सोमवार को एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने प्रेसवार्ता कर बताया कि सोनू उर्फ सोनी निवासी नया बांस बढ़ई वाली गली, भगवानपुर के घर तमंचे के बल पर चार बदमाशों ने सात नवंबर 2020 को लूट की थी। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन की तो सीसीटीवी कैमरे में चार युवकों की पहचान हुई। पुलिस ने आशु निवासी देदपुरा, थाना नकुड़ जिला सहारनपुर को 21 नवंबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसने पूछताछ में अपने तीन साथियों पारुल, सन्नी निवासी देदपुरा, सहारनपुर और विशाल निवासी बहलोलपुर, थाना रामपुर मनिहारन, सहारनपुर के नाम बताए थे।
तभी से पुलिस तीनों की तलाश कर रही थी। इस बीच शामली पुलिस ने छह दिसंबर 2020 को मुठभेड़ के बाद तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस को तीनों ने भगवानपुर में लूट की घटना को अंजाम देने की बात बताई थी। शामली पुलिस ने इसकी जानकारी भगवानपुर पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने तीनों का पुलिस कस्टडी रिमांड लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। 31 जनवरी को तीनों का दो दिन का रिमांड मंजूर होने पर पुलिस ने पूछताछ की। साथ ही तीनों की निशानदेही पर सम्राट कॉलोनी म्हाड़ी चौक, भगवानपुर स्थित एक मकान से लूटी गई तीन चेन, एक नेकलेश, तीन अंगूठी, टाप्स समेत अन्य सामान बरामद किया। एसपी देहात ने बताया कि तीनों को जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। चारों पर गैंगस्टर लगाने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान सीओ मंगलौर अभय सिंह, कोतवाली प्रभारी यशपाल बिष्ट मौजूूद रहे।
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तीनों का है पुराना आपराधिक इतिहास
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि भगवानपुर लूट में शामिल तीनों बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास है। तीनों के खिलाफ भगवानपुर, शामली, कांधला, नकुड़, बेहट, रामपुर मनिहारन में लूट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि भगवानपुर पुलिस ने लूट में शामिल जिस बदमाश को पहले जेल भेजा था, उसे भी रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
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पुलिस टीम में ये रहे शामिल
एसओ पीडी भट्ट, एसआई नरेंद्र तोमर समेत सिपाही संदीप, अजीत, सचिन, करन, सुधीर, मोहन खालिया और लाल सिंह।