जिगर का टुकड़ा 50 दिन से लापता है। वृद्ध महिला आला अधिकारियों के कार्यालयों से लेकर गंगनहर और आसफनगर झाल के चक्कर लगाकर थक चुकी है कुछ पता नहीं चल पाया है। महिला ने पुत्रवधू और उसके परिवार पर षड़यंत्र रचकर पुत्र के साथ किसी अनहोनी घटना को अंजाम देने की आशंका जताई है।
दुष्यंत कुमार निवासी झबीरण पोस्ट बड़गांव जिला सहारनपुर ने पुलिस को बताया था कि भाई मोहित कुमार उर्फ टिंकू करीब दो साल से अपनी पत्नी के साथ सैनिक कॉलोनी में रह रहा था। मालवीय चौक पर वह एक बाइक की दुकान पर काम करता था। 18 मार्च को वह अपनी दुकान पर गया था। इसके बाद दोपहर तीन बजे के बाद भाई संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गया था।
गुमशुदगी गंगनहर कोतवाली में दर्ज कर दी गई थी। बाद में पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में बदलकर केस की पड़ताल शुरू कर दी थी। सोमवार को रुड़की कोतवाली में मिली सरोज ने बताया कि मोहित घर में सबसे बड़ा पुत्र है। राहुल, दुष्यंत और एक पुत्री शिवानी भी है। सभी बच्चों की वह शादी कर चुकी है।
सकुशल ढूंढ निकालने की गुहार
आरोप है कि पुत्रवधू और उसके परिजन मोहित को प्रताड़ित कर रहे थे जिससे वह काफी तनाव में था। आरोप है की पुत्रवधू और उसके परिजनों ने पुत्र को गायब किया है। उन्होंने बताया कि वह पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर स्थानीय पुलिस कर्मियों से भी मिलकर पुत्र को सकुशल ढूंढ निकालने की गुहार लगा चुकी हैं। आसफनगर, मोहम्मदपुर झाल के अलावा मुजफ्फरनगर और मेरठ से गुजर रही गंगनहर में भी पुत्र की तलाश कर चुकी है लेकिन अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
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उन्होंने बताया कि पुत्र की आखिरी बार पुत्रवधू से फोन पर बातचीत हुई थी। गंगनहर कोतवाली इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने बताया कि मोहित की अंतिम लोकेशल सोलानी पार्क के पास मिली थी और बाइक भी लावारिस हालत में मिली थी। गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया गया है। जांच रुड़की कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक विनोद थपलियाल को ट्रांसफर हो चुकी है।