रुड़की। लोगों की शिकायतों का ऑनलाइन के जरिए तेजी के साथ समाधान करने के लिए तैयार सॉफ्टवेयर का डीएम ने लंॉच कर दिया है। इसके साथ ही सॉफ्टवेयर की ऑनलाइन शिकायत सेल भी तहसील में खोल दी गई है।
तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट का कार्यभार संभालते ही मंगेश घिल्डियाल ने ग्रामीणों की समस्याओं का समय पर समाधान करने के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाने का काम शुरू कर दिया था। बुधवार को जिलाधिकारी हरबंश सिंह चुघ ने सॉफ्टवेयर शुरू करवाया। इस दौरान डीएम ने कहा कि सॉफ्टवेयर के तैयार होने से लोगों की शिकायतों का ऑनलाइन समाधान कराया जा सकेगा। इसके लिए शिकायतों के हल की मॉनीटिरिंग करने के साथ ही समीक्षा भी की जा सकेगी। इस मौके पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल, भगवानपुर एसडीएम मनीष कुमार, तहसीलदार गोपाल सिंह, नायब नाजिर अनिल कुमार, बीडीओ शिवरानी चौहान, अनिल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
साहब चकबंदी कब होगी पूरी
डीएम चुघ जब सॉफ्टवेयर का लांच करने के लिए तहसील में अपने वाहन से उतरे तो उन्हें कुछ किसानों ने रोक लिया। किसानों ने कहा कि साहब चकबंदी का काम कछुआ गति से चल रहा है। जिससे बीस-बीस साल बाद भी चकबंदी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इसके चलते किसानों को खेतीबाड़ी करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डीएम ने किसानों को आश्वासन दिया कि वह जल्द ही रुड़की तहसील आकर चकबंदी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। समीक्षा बैठक के बाद चकबंदी प्रक्रिया की प्रगति के लिए अधिकारियों को कड़े निदेश दिए जाएंगे।
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सभी समस्याएं बराबर कोई कम नहीं
डीएम ने शिकायतों की हाई, नॉर्मल एवं लो की तीन कैटेगिरी पर आपत्ति जताई। उन्होंने ज्वाइंट को कहा कि प्रशासन के लिए कोई भी समस्या छोटी-बड़ी नहीं है। सभी समस्याएं बराबर हैं। जिनका जल्द से जल्द शिकायत करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को लो कैटेगिरी को कम से सॉफ्टवेयर से कम हटाने के निर्देश दिए।
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सॉफ्टवेयर के संचालन को दिए जाएगा प्रशिक्षण
सॉफ्टवेयर के जरिए ग्रामीणों की शिकायतों का ऑनलाइन हल करने के लिए समस्त विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि अधिकारी एवं कर्मचारी सॉफ्टवेयर के माध्यम से शिकायतों का आसानी से समाधान कर सकें।
तहसील के सभी विभाग आएंगे दायरे में
तहसील प्रशासन के साथ ही चकबंदी, खाद्य आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, विकास विभाग, समाज कल्याण, सहकारिता विभाग, नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, पेयजल निगम, बाट माप विभाग, गन्ना विभाग, उद्यान विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस विभाग, मंडी, लोक निर्माण विभाग समेत तहसील के अंतर्गत आने से वाले सभी विभाग सॉफ्टवेरयर के अधीन आएंगे।