रुड़की। स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त निदेशक डा. सरोज नैथानी ने बुधवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर जेडी ने कड़ी फटकार लगाई। साथ ही जल्द से जल्द व्यवस्थाओं को सुधारने के निर्देश दिए।
देहरादून से बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ज्वाइंट डायरेक्टर डा. सरोज नैथानी बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अचानक सिविल अस्पताल में पहुंची। उन्होंने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया। उस समय ओपीडी में केवल एक-दो ही डाक्टर मौजूद थे। जबकि मरीज आने शुरू हो चुके थे। इसके बाद उन्होंने अस्पताल के कार्यालय में रखे हाजिरी रजिस्टर को चेक किया। जो लोग उपस्थित नहीं थे उनके नामों के आगे मार्क कर दिया। इसके बाद ज्वाइंट डायरेक्टर ने सिविल अस्पताल के वार्ड देखे। वार्ड में गंदगी पर गहरी नाराजगी जताई। जच्चा-बच्चा वार्ड के बाथरूम में गंदगी होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने अपने सामने ही वार्ड के बाथरूम आदि की सफाई कराई। इसके बाद महिला वार्ड में पहुंची। वार्ड के बहार बिजली के लिए बनाए कंट्रोल रूम में नीचे पानी और उसका दरवाजा खुले होने को उन्होंने घोर लापरवाही करार दिया। उन्होंने स्टाफ नर्स सख्त हिदायत दी कि महिला वार्ड में पुरुषों को न रुकने दिया जाए। इससे अन्य महिला मरीज अपने आपको असुरक्षित महसूस करेंगी।
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चादर कंबल न देने पर नर्स की लगाई क्लास
निरीक्षण के दौरान वार्ड में भर्ती मरीजों के बैड पर अस्पताल की चादर और कंबल न होने पर जेडी ने नर्स की क्लास लगाई। नर्स के यह कहने पर कि मरीजों को कंबल और चादर दी जाती है। इस पर उन्होंने भर्ती मरीजों से पूछा कि उन्हें चादर और कंबल मिला था या नहीं। इस पर अधिकांश मरीजों ने मना कर दिया। जेडी ने वार्ड स्टाफ से कहा कि वह व्यवस्थाएं सुधार लें। भर्ती होने वाले प्रत्येक मरीज को बैड शीट और कंबल दिया जाना जरूरी है।
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इमरजेंसी और लेबर रूम की व्यवस्था को बताया ठीक
जेडी डा. सरोज नैथानी ने लेबर रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि लेबर रूम की सभी व्यवस्थाएं लगभग ठीक हैं। उन्होंने इमरजेंसी का भी निरीक्षण किया। इमरजेंसी व्यवस्थाओं पर संतोष प्रकट किया। उन्होंने फार्मेसिस्ट एसपी बडोला से ऑक्सीजन सिलेंडर आदि भी चलवाकर देखा। इस पर उन्होंने फार्मेसिस्ट एसपी बडोला की सराहना भी की। लेकिन इसी के साथ उन्होंने इमरजेंसी में सुधार के लिए भी सुझाव दिए।
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डीजी हेल्थ को शिकायत मिली थी कि चिकित्सक समय पर ओपीडी में नहीं बैठते हैं। अस्पताल की अन्य व्यवस्थाएं भी ठीक नहीं है। डीजी के निर्देश पर उन्होंने यह निरीक्षण किया है। निरीक्षण में काफी खामियां मिली है। इसकी रिपोर्ट वह डीजी को देंगी। इसके अलावा कायाकल्प प्रोग्राम के तहत कुछ कार्य होने हैं। उनकी भी डिटेल तैयार की गई है।
डा. सरोज नैथानी, संयुक्त निदेशक, स्वास्थ्य विभाग देहरादून।