रुड़की/बुग्गावाला। बिहारीगढ़ से रोशनाबाद को जोड़ने वाले 32 किलोमीटर मार्ग के अब दिन बहुरने वाले हैं। इस मार्ग पर 11 पुलों का निर्माण भी होना है। दोनों के लिए केंद्र सरकार ने करीब 46 करोड़ का बजट जारी कर दिया है। डोसनी के समीप पड़ने वाले फाटक पर बनने वाले पुल का निर्माण भी अब जल्द होने की संभावना है।
केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग एवं पोत परिवहन मंत्रालय की ओर से लोक निर्माण विभाग उत्तराखंड के सचिव को जारी पत्र के अनुसार एक माह पूर्व प्रदेश की 12 योजनाओं के लिए 210 करोड़ 58 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इनमें से दो योजनाएं हरिद्वार जिले के लिए हैं। इनमें से एक योजना के तहत जारी किए 17 करोड़ 69 लाख रुपये से बुग्गावाला क्षेत्र में बिहारीगढ़ से रोशनाबाद तक के मार्ग का निर्माण होना है। दूसरी योजना के तहत रुड़की से लक्सर मार्ग पर पड़ने वाली डोसीन फाटक पर दो लेन सीसी पुल का निर्माण होना है।
इसके लिए 28 करोड़ 19 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। बुग्गावाला क्षेत्र में बिहारीगढ़ से रोशनाबाद तक 32 किलोमीटर लंबा मार्ग बनने के बाद क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों की हजारों की आबादी की हरिद्वार तक पहुंच आसान हो जाएगी। बरसात के दिनों में इस टूटे मार्ग के बाधित होने से लोगों को हरिद्वार पहुंचने के लिए वाया रुड़की होते हुए करीब 40 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। जबकि इसी मार्ग पर पड़ने वाली नदियों की बाधा दूर करने के लिए पहले से 11 पुलों के निर्माण का कार्य चल रहा है। दूसरी ओर लक्सर मार्ग पर डोसनी फाटक पर सीसी पुल का निर्माण होने के बाद यात्रा सीजन में बाहर से आने वाले सैलानियों को भी सुविधा मिलेगी।
मार्ग निर्माण में देरी से ग्रामीण परेशान
बुग्गावाला। रोशनाबाद-बिहारीगढ़ मार्ग का काम पूरा नहीं होने से दर्जनों गांववासियों को मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग की नदियों पर बन रहे पुलों के कारण मार्गों को नदियों की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। लेकिन उन पर बड़े-बड़े गड्ढे और धूल होने से लोगों की फजीहत हो रही है।
बरसात में पानी भरने से यह मार्ग पूरी तरह बाधित होने की आशंका है। मार्ग के तेजी से निर्माण नहीं होने और धूल से निजात पाने के लिए पानी का छिड़काव नहीं कराए जाने से ग्रामीणों में ठेकेदारों के खिलाफ रोष है। मार्ग पर बरसाती नदियों पर एक वर्ष से पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन सड़क निर्माण में प्रगति नहीं हो रही है। बरसात के दिनों में मार्ग से जुड़े तेलपुरा, बुधवाशहीद, बुग्गावाला, कुड़कवाला, बंदरजूड, लाम ग्रंट, रसूलपुर, डालूवाला और औरंगाबाद सहित दर्जनों गांव के लोगों का सबसे ज्यादा आवागमन रहता है। ग्रामीण कई बार ठेकेदार के खिलाफ निर्माण में धीमी गति का आरोप लगाकर आंदोलन की चेतावनी दे चुके हैं। पुल ठेकेदार नसीम अहमद का कहना है कि पुलों का निर्माण कार्य जल्द पूरा होगा।