रुड़की। एक बिजली का खंभा न लग पाने की वजह से छह मोहल्लों की आबादी पानी की समस्या से जूझ रही है। चंद लोगों के विरोध के चलते यह खंभा नहीं लग पा रहा है। जिसके चलते जल संस्थान का ट्यूबवेल दो वर्ष से ठप पड़ा हुआ है। समस्या के समाधान के लिए कोई आगे भी नहीं आ रहा है।
जल संस्थान का एक ट्यूबवेल पासीयान मोहल्ले (अंबर तालाब) में लगाया हुआ है। इसके लिए अलग से कोई बिजली की लाइन न होने की वजह से पिछले दो वर्ष से यह ट्यूबवेल बंद पड़ा है। सामान्य लाइन की वोल्टेज ट्यूबवेल चलाने के लिए पर्याप्त नहीं है। जल संस्थान ने ट्यूबवेल के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगवाने के लिए ऊर्जा निगम को भी पत्र लिखा था। निगम ने इसके लिए 2.75 लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया भी था। जल संस्थान ने मार्च 2015 में इसके लिए पैसा भी जमा कराया। लेकिन अभी तक न ट्रांसफार्मर लग पाया और न लाइन डाली जा सकी है। ट्रांसफार्मर के लिए नई लाइन भी डाली जानी है। इसके लिए एक खंभा लगना है। लेकिन कुछ लोग इस खंभे को लगाने का विरोध कर रहे हैं। जिसकी वजह से यह काम अब तक अटका हुआ है। यदि यह ट्यूबवेल शुरू हो जाता तो अंबर तालाब, पासीयान मोहल्ले, चंद्रपुरी, मकतूलपुरी, चावमंडी, साकेत समेत कई मोहल्लों की पानी की समस्या दूर हो सकती है।
इनका कहना है
ट्यूबवेल के लिए नई लाइन और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए ऊर्जा निगम की ओर से जो एस्टीमेट दिया था उसे मार्च 2015 में जमा करा दिया था। लेकिन अभी तक बिजली की लाइन नहीं डल पाई है। कुछ लोग पोल लगाने का विरोध कर रहे हैं।
-एके मिश्रा, एई, जल संस्थान रुड़की।
ट्यूबवेल के लिए नई लाइन जानी है। पुराने पोल पर पहले से काफी लोड है। इसलिए उस पर नई लाइन नहीं डाली जा सकती। नई लाइन के लिए पोल लगाना जरूरी है। लेकिन कुछ लोगों के विरोध के चलते काम रुका हुआ है। हालांकि अब अंडर ग्राउंड लाइन डालने के लिए एस्टीमेट बनाया जा रहा है।
-मनोज कुमार, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम रुड़की।