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‘राष्ट्रप्रेम से बढ़ी कोई सेवा नहीं’

Wed, 12 Apr 2017 09:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की।
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एक तू सच्चा तेरा नाम सच्चा मंत्र के प्रणेता बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि राष्ट्रप्रेम से बढ़कर कोई सेवा नहीं हो सकती। जो व्यक्ति राष्ट्र के सम्मान को ठेस पहुंचाता है उसका अस्तित्व खत्म हो जाता है। उन्होंने वेदों के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही इसके प्रचार- प्रसार पर जोर दिया। कहा कि सामवेद की ऋचाओं पर आधारित सीडी हर सप्ताह लांच की जाती है।

रामनगर रामलीला मैदान में चल रहे तीन दिनी सत्संग का बुधवार को समापन हो गया। इससे पहले पत्रकारों से बातचीत में बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि राष्ट्रप्रेम और मातृभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं। देश और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों को उन्होंने ओछी मानसिकता से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जेएनयू में लगे देशविरोधी नारे को राष्ट्र पर हमला बताया एवं लोगों से राष्ट्र के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा की वेदों में ही जीवन का सार निहित है, आवश्यकता है कि इसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें।
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कहा कि वेदों के प्रचार-प्रसार के लिए संस्था की ओर से हर सप्ताह सामवेद पर आधारित सीडी लांच की जाती है, जो लोगों को निशुल्क वितरित भी की जाती है। उन्होंने देश छोड़कर विदेशों में बसने वालों पर भी करारा प्रहार किया। साथ ही देश विरोधी ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर जवाब देने का आह्वान किया। वहीं शाम को प्रवचन में बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि अपने ही अशुद्ध विचारों में आत्मा कैद होकर रह जाती है, जिससे मनुष्य को बार-बार जन्म लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र का प्रत्येक व्यक्ति आत्मा से तपस्वी और शरीर से मजबूत सैनिक की तरह बने, जिससे वह अपने राष्ट्र और धर्म की सच्ची सेवा कर सके। सत्संग मंडल में अशोक शर्मा आर्य, प्रदीप त्यागी, राजपाल सिंह, सुशील कुमार, ब्रजमोहन, दलीप मेहंदीरत्ता आदि उपस्थित थे।
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