रुड़की। कोर्ट ने हमले में हुई हत्या के मामले में नौ अभियुक्तों को आजीवन कारावास और पांच को दस-दस साल की सजा सुनाई है। मामला मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के शिकारपुर गांव में 2012 में हुई घटना से जुड़ा है। इसमें गोली लगने के बाद घायल हुई महिला की जौलीग्रांट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मंगलौर कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि शिकारपुर लंढौरा निवासी इसरार ने तहरीर देकर बताया था कि 26 अप्रैल, 2012 को शाम करीब छह बजकर 45 मिनट पर दस से अधिक लोगों ने उसके भतीजे आमिर और परवेज के घर में एक राय होकर धारदार हथियारों के साथ हमला बोल दिया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। जबकि गोली लगने से गंभीर घायल हुई एक महिला रूबी को जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला की सात मई 2012 को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। कोतवाली प्रभारी प्रदीप चौहान ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट फाइल की गई थी। मंगलवार को रुड़की स्थित कोर्ट में नौ अभियुक्तों इरशाद, नौशाद, मोइन, तरवेज, सुमेर, नाजिम, अफजाल, जुनैद और वसीम निवासी शिकारपुर लंढौरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि पांच अभियुक्तों को दस-दस साल की सजा सुनाई है।