लंढौरा। दिल्ली से एनआईए (नेशनल इनवेस्टिगेशन एजेंसी) की टीम शुक्रवार को गोपनीय ढंग से लंढौरा पहुंची और 20 जनवरी को पकड़े गए चारों संदिग्ध आतंकियों के ठिकानों को फिर खंगाला। उस स्थान की भी जांच की जहां पर चारों संदिग्ध आतंकी बारूद एकत्रित कर बम बनाते थे। तीन घंटे तक टीम क्षेत्र में रही लेकिन स्थानीय पुलिस और खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी।
एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच ने 20 जनवरी को लंढौरा और जौरासी जबरदस्तपुर आदि क्षेत्रों में छापे मारकर ओसामा (निवासी जौरासी), मेहराज, अजीम (निवासी लंढौरा) और अखलाक उर्फ रहमान (निवासी भगवानपुर, चंदनपुर) को गिरफ्तार किया था। इन चारों युवकों का कहना था कि वह अर्द्धकुंभ के दौरान ट्रेन में विस्फोट करने की फिराक में थे। लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच एवं एनआईए की टीम ने इनके मनसूबों को नाकाम कर दिया था।
पूछताछ में चारों संदिग्धों ने जांच एजेंसियों को यह भी बताया था कि वह माचिस का बारूद एकत्रित कर बम बना रहे थे। इनकी निशानदेही पर एनआईए की टीम ने जौरासी जबरदस्त गांव में रेलवे ट्रैक के समीप से एक ट्यूबवेल के कमरे से माचिस की तिलियों से निकाला गया बारूद बरामद किया था। एनआईए और दिल्ली स्पेशल ब्रांच की टीम शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे फिर लंढौरा पहुंची। टीम सदस्यों ने कुछ इलाकों को फिर खंगाला। टीम के सदस्य जौरासी में उस ट्यूबवेल के पास भी गए जहां चारों संदिग्ध बारूद एकत्रित कर बम बनाते थे। शाम करीब पांच बजे टीम दिल्ली के लिए रवाना हो गई। माना जा रहा है कि मामले के संबंध में कुछ साक्ष्य जुटाने के लिए टीम लंढौरा पहुंची थी।
फोटो डिलिट कराए
एनआईए की टीम जब जौरासी में ट्यूबवेल के पास जा रही थी तो स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। इसी बीच कुछ मीडियाकर्मी भी पहुंचे। उन्होंने टीम की फोटो खींची। लेकिन टीम सदस्यों ने फोटो डिलिट करवाई।