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फीस का दबाव बनने पर स्कूल से कटवाया नाम

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पिरान कलियर के एक प्राइवेट स्कूल प्रबंधक का फीस के लिए बढ़ता दबाव देख एक अभिभावक ने स्कूल से बच्चे का नाम कटवा लिया। उधर, स्कूल प्रबंधक ने पिछली पूरी फीस जमा करने पर ही नाम काटकर टीसी देने की धमकी दी है। अभिभावक ने शिक्षाधिकारियों को लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल को नोटिस जारी करने की बात कह रहे हैं।
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लॉकडाउन को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार ने अभिभावकों को फीस जमा करने में राहत दी है। बाकायदा हाई कोर्ट ने भी प्राइवेट स्कूलों को अभिभावकों पर फीस के लिए दबाव न बनाने के आदेश दिए थे। हालांकि इसके विरोध में प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, मगर वहां भी सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का फैसला ही बरकरार रखने का आदेश दिया है। इसके बावजूद प्राइवेट स्कूल प्रबंधक अभिभावकों पर लगातार फीस के लिए दबाव बनाकर उनका उत्पीड़न कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला पिरान कलियर क्षेत्र के एक नामचीन स्कूल का सामने आया है। माजरी गांव निवासी योगेश सैनी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को लिखित शिकायत कर बताया कि उनका बेटा कलियर के एक स्कूल में पढ़ता है। लॉकडाउन के कारण उनका काम बंद हो गया है तो वह स्कूल की फीस जमा नहीं करवा पाए। उन्होंने कई बार फीस जमा नहीं कर पाने की विनती भी स्कूल प्रबंधक से की। योगेश का आरोप है कि अब स्कूल प्रबंधक ने मैसेज और कॉल कर उनपर फीस जमा करने का बहुत दबाव बना दिया है। उनके उत्पीड़न से परेशान होकर उन्होंने बच्चे का नाम स्कूल से कटवाने का फैसला लिया। मगर स्कूल प्रबंधन ने धमकी दी है कि पिछले कई महीने की पूरी फीस जमा करने पर ही टीसी दी जाएगी। यहीं नहीं उनकी पत्नी से भी स्कूल स्टाफ ने फोन पर बदसलूकी की। पीड़ित ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है।
लेट फीस का भी बना रहे दबाव
स्कूल प्रबंधक किसी एक अभिभावक से नहीं बल्कि सभी पर फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं। यहीं नहीं हाई कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर अब स्कूल प्रबंधक अभिभावकों पर फीस जमा नहीं करने पर लेट फीस का भुगतान करने का भी मैसेज भेज रहे हैं। बाकायदा मैसेज में फीस मांगने को सरकार का आदेश बताया जा रहा है। जबकि सरकार ने फीस के लिए अभिभावकों पर दबाव बनाने का कोई आदेश नहीं दिया है।
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फीस के लिए दबाव बनाने संबंधी स्कूल की पहले भी कई शिकायत मिल चुकी है। इस संबंध में मामले की जांच कराई जाएगी। वहीं स्कूल को नोटिस देकर जवाब भी मांगा जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- ब्रह्मपाल सिंह सैनी, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक
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