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द्वेष में की थी मुराद की हत्या, दो भाई गिरफ्तार

Wed, 08 Mar 2017 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लक्सर
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लक्सर कोतवाली पुलिस ने तीन माह बाद आखिरकार मुराद हत्यकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार परिवार के ही दो सगे भाई मुंतजीर और इंतजार ने मुराद की हत्या की थी, जबकि पुलिस ने हत्या के अन्य चार आरोपियों को क्लीन चिट दे दी है।
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मखियाली खुर्द गांव से 21 नवंबर को हलीम के दस वर्षीय पुत्र मुराद का अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद 26 नवंबर को मुराद का शव गांव के पास ही जमीन में गड़ा मिला था। मुराद के पिता हलीम ने गांव के ही मुंतजीर, कल्लू, शहजाद, शमशाद, नूरहसन व इंतजार को मुकदमे में नामजद कराया था, जिसके बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही थी। बुधवार को लक्सर कोतवाल नवीन चंद सेमवाल ने मामले का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार मुराद का पिता हलीम काफी समय पहले खनन का काम करता था। इससे हलीम की कमाई भी अच्छी खासी होने लगी थी, जिसके चलते परिवार के ही मुंतजीर व इंतजार पुत्रगण नूरहसन इस बात को लेकर हलीम से द्वेष की भावना रखने लगे थे। इसके चलते मुंतजीर व इंतजार ने 21 नवंबर को मुराद का अपहरण करने के बाद हत्या कर दी थी। वहीं गांव के समीप खेत में शव दबा दिया था। इसके अलावा पुलिस ने कल्लू, शहजाद, शमशाद व नूरहसन को क्लीन चिट दे दी है। कोतवाल सेमवाल ने बताया कि दोनों लोगों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

मुंतजीर की उम्र को लेकर असमंजस
पुलिस के अनुसार मुंतजीर की उम्र का सही पता नहीं चल पा रहा है। कुछ कागजातों में मुंतजीर की उम्र सत्रह साल है तो कुछ कागजातों में वह बालिग है। कोतवाल नवीन सेमवाल ने बताया कि उम्र सही ज्ञात नहीं होने के कारण मुंतजीर को भी इंतजार के साथ जेल भेजा जा रहा है। इसके बाद जांच पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पालीग्राफी टेस्ट होने से पहले खुलासे पर सवाल
 कोतवाली पुलिस की ओर से किए गए मुराद हत्याकांड के खुलासे में झोल नजर आ रहा है। पुलिस ने पहले मुंतजीर व इंतजार के साथ एक दर्जन लोगों से पूछताछ करने के बाद आरोपियों को क्लीन चिट दे दी थी। फिर उसके बाद पुलिस के हाथ ऐसा क्या लगा कि उन्होंने मुंतजीर व इंतजार को दोषी मानते हुए जेल भेजने का फैसला लिया। यही नहीं पुलिस ने खुलासे के लिए पॉलीग्राफी टेस्ट का भी इंतजार नहीं किया।

हत्या के बाद मुराद का पिता हलीम चिल्ला-चिल्ला कर सभी छह आरोपियों को हत्या का दोषी बता रहा था। इसके बाद पुलिस ने सभी छह लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन पुलिस ने सभी आरोपियों को छोड़ दिया था। इसके बाद बुधवार को पुलिस ने अचानक से छह में से मुंतजीर व इंतजार को हत्या का दोषी बता दिया, लेकिन यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है कि आखिरकार पुलिस के हाथ मामले में क्या सबूत लग गया है की पुलिस ने मुंतजीर व इंतजार को हत्या का दोषी मान लिया है। इसके लिए पुलिस के पास कोई ठोस वजह भी नजर नहीं आ रही है। पुलिस हत्या के पीछे खनन को लेकर द्वेष की कहानी बता रही है। वहीं पुलिस ने मामले में दो दिन पहले ही सभी आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने को लेकर तारीख विभाग से ली थी, जिस पर विभाग ने तेरह अप्रैल को आरोपियों के पॉलीग्राफी टेस्ट की तारीख दी थी, लेकिन पुलिस ने पॉलीग्राफी टेस्ट का भी इंतजार नहीं किया और मुंतजीर व इंतजार को दोषी करार दिया। खुलासे के समय जहां मुंतजीर खामोश खड़ा पुलिस की कार्रवाई देखता रहा। वहीं इंतजार चीख चीखकर कहता रहा कि पुलिस पैसे लेकर उन्हें जेल भेज रही है। इंतजार का कहना था कि उनका पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाए जिससे दूध का दूध व पानी का पानी हो सके।
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