रुड़की दिल्ली रोड स्थित आनंद स्वरुप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर के केशव भवन में आयोजित मातृ सम्मे?
- फोटो : ROORKEE
आनंद स्वरूप आर्य सरस्वती विद्या मंदिर के केशव भवन में आयोजित मातृ सम्मेलन में अतिथियों ने बच्चों को संस्कार देने की अनिवार्यता पर जोर दिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अन्य प्रतियोगिताओं में भाग लिया।
बुधवार को मातृ सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि एसडीपीसी कॉलेज की डॉ. शालिनी वर्मा, प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह, उप प्रधानाचार्य कलीराम भट्ट, कमल किशोर, प्रधान अध्यापिका शमा अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर किया। इस दौरान विद्यालय की अध्यापिका पूजा शर्मा ने घर पर ही सुरक्षित मास्क बनाना सिखाया। आचार्य योगेश शास्त्री ने दिनचर्या में योग एवं आसनों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया। शिक्षिका स्मृति जैन ने भोजन को पौष्टिक बनाने के टिप्स दिए। मुख्य अतिथि डॉ. शालिनी वर्मा ने कहा कि माता को प्रथम शिक्षक भी कहा जाता है। रिश्तों को सहेजने और संवारने के साथ-साथ बच्चों को उत्तम संस्कार देना माताओं का प्रथम कर्तव्य है। प्रधानाचार्य अमरदीप सिंह ने कहा कि आज जबकि राष्ट्र अपनी अस्मिता के संकट से जूझ रहा है और भारत की जनता अपने पूर्वजों की विरासत, संस्कृति एवं संस्कारों से अनभिज्ञ सी दिखाई पड़ती है। ऐसी स्थिति में मातृ शक्ति बच्चों के चारित्रिक निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाकर राष्ट्र हित में अपना अभूतपूर्व योगदान दे रही हैं। प्रबंधक मनमोहन शर्मा ने मातृ सम्मेलन के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य मोहन सिंह मटियानी, आशुतोष शर्मा, जसवीर सिंह पुंडीर आदि मौजूद रहे।