आत्मदाह करने का प्रयास करती महिला को समझाते पुलिसकर्मी
- फोटो : amarujala
बेटी के हत्यारोपी ससुरालियों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध एक मां ने सीओ कार्यालय के सामने पहुंचकर खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। गनीमत रही कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने महिला को जैसे तैसे बचा लिया। सीओ ने पीड़ित परिवार को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सहारनपुर स्थित कपिल विहार कालोनी निवासी अलका की शादी मेहवड़ कला गांव निवासी विशाल उर्फ सोनू के साथ हुई थी। 29 अगस्त को अलका की अपनी ससुराल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। मृतका के परिजनों ने ससुलियों पर दहेज के लिए अलका की हत्या का आरोप लगाया था। कलियर थाना पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष की ओर से दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। मृतका के पति विशाल, ससुर शशी किरण, सास किरण देवी, देवर संदीप, मोनू, ननंद मनीषा आदि को नामजद किया गया था। मृतका के परिजन मुकदमा दर्ज करने के बाद से ही ससुरालियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसके लिए तमाम अधिकारियों और नेताओं को उन्होंने पत्र भी लिखे थे, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होती देख, मृतका की मां ने मुख्यमंत्री और पुलिस के अधिकारियों को पत्र लिखकर 15 नवंबर को सीओ कार्यालय के समक्ष आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी। पुलिस की ओर से इसके बाद भी कोई गिरफ्तारी नहंी की गई। जिसके चलते मंगलवार को मृतका की मां कमला देवी पुरानी कचहरी स्थित सीओ कार्यालय के समक्ष पहुंची और अपने ऊपर मिट्टी का तेल डाल लिया और खुद को आग लगाने का प्रयास करने लगी। तभी वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उसे बचा लिया। इसको लेकर कचहरी में काफी देर तक हंगामे की स्थिति रही। सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह ने महिला और उसके परिजनों को बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच निष्पक्ष होगी। यदि ससुरालियों ने हत्या की होगी तो उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सीओ ने पीड़ित परिवार को कहा कि 15 दिन के भीतर मामले में ठोस कार्रवाई की जाएगी। बाद में महिला को कोतवाली रुड़की लाया गया। यहां पर लिखा पढ़ी के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान महिला के साथ उसका पति किशन लाल, भाई रामकुमार, बेटा संजीव कुमार आदि भी मौजूद थे।