कांग्रेस विधायक ममता राकेश का बेटा और बेटी भाजपा में शामिल तो हो गए हैं लेकिन बेटी को भाजपा के समर्थन से ब्लॉक प्रमुख बनाए जाने पर संशय है। बताया जा रहा है कि संगठन स्तर पर इसे संवेदनशील मामला मानते हुए फिलहाल रोक लगा दी गई है। वहीं अब पूर्व विधायक की बेटी और कांग्रेस विधायक की बेटी में से किसे चुनाव लड़ाया जाए इसे लेकर खींचतान चल रही है।
विगत रविवार को भगवानपुर से कांग्रेस विधायक ममता राकेश के बेटे अभिषेक राकेश और बेटी आयुषि ने भाजपा ज्वाइन कर सभी को चौंका दिया था। इस ज्वाइनिंग को लेकर ममता राकेश पर कांग्रेस पार्टी के भीतर और सोशल मीडिया पर जमकर प्रहार हो रहे हैं। वहीं ममता राकेश बेटों के बड़े होने और पार्टी में उपेक्षा होने के चलते भाजपा को ज्वाइन करने की बात कह रही हैं। वहीं दूसरी तरफ माना जा रहा है कि आयुषि को भगवानपुर ब्लॉक अध्यक्ष बनवाने के लिए ही ममता राकेश ने यह फैसला लिया है।
वहीं ममता राकेश के देवर सुबोध राकेश पहले ही यह आरोप लगा चुके हैं कि भाजपा नेता एवं पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल की सलाह पर ही बच्चों को भाजपा में शामिल कराया गया। चुनाव में भी देवेंद्र अग्रवाल ने ममता राकेश की मदद की थी। ऐसे में माना जा रहा था कि भाजपा आयुषि को ब्लॉक अध्यक्ष के लिए समर्थन देगी लेकिन इसे लेकर संशय बढ़ता जा रहा है। बताया गया कि प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक ने रविवार देर रात तक मंथन के बाद मामला होल्ड कर दिया है। वहीं पूर्व भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल अपनी बेटी के समर्थन के लिए सक्रिय हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश संगठन ने उन्हें चुनाव की तैयारी शुरू करने के लिए भी कह दिया है। अब देखना यह होगा कि ममता राकेश और देशराज कर्णवाल की बेटियों में से इस पद के लिए किसके हाथ बाजी लगती है।