प्रदेश में दोबारा सत्ता पाने के लिए सतत विकास यात्रा निकाल रही महानगर कांग्रेस दो फाड़ हो गई। यात्रा की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में न बुलाने पर महानगर अध्यक्ष ने यात्रा स्थगित कर दी। विरोध में कुछ कांग्रेसियों ने महानगर अध्यक्ष के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। इससे यात्रा की तैयारियों में जुटे कांग्रेसी अब गुट बनाकर एक-दूसरे के खिलाफ रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
प्रदेश में कांग्रेस अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का गुणगान करने के लिए जनता के बीच जा रही है। इसके लिए वह पूरे प्रदेश में सतत विकास यात्रा निकालने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वयं यात्रा का नेतृत्व कर रहे हैं। इसके तहत 25 नवंबर को नगर में भी विकास यात्रा प्रस्तावित थी। बुधवार तक कांग्रेसी अलग-अलग बैठकें कर इसकी तैयारियों में जुटे हुए थे लेकिन, एक होटल में तैयारियों को लेकर हुई बैठक में महानगर अध्यक्ष कलीम खान को नहीं बुलाया गया तो उसके समर्थक भड़क गए। महानगर अध्यक्ष ने भी बैठक में नहीं बुलाए जाने पर एतराज जताया। देखते ही देखते शाम तक दोनों गुटों के लोगों एक-दूसरे पर अनदेखी का आरोप लगाते रहे। खींचतान होता देख महानगर अध्यक्ष कलीम खान ने विकास यात्रा को स्थगित कर दिया और यात्रा के लिए नई तिथि घोषित करने की बात कह रहे हैं। अब कुछ कांग्रेसी महानगर अध्यक्ष के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। साथ ही अध्यक्ष की शिकायतेें हाईकमान तक पहुंचाने में जुट गए हैं।
गुटबाजी वाली कोई बात नहीं है। मुख्यमंत्री एवं प्रदेशाध्यक्ष के नहीं आने के कारण यात्रा को केवल स्थगित किया गया है। जल्द नई तिथि घोषित की जाएगी। इसमें मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय रहेंगे।
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