मुंडलाना के मेहरबान की हत्या गांव की एक लड़की से छेड़छाड़ करने और उसे बदनाम करने पर हुई थी। पुलिस ने लड़की के भाई और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया है। आरोपियों से हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कारतूस भी बरामद किया गया है।
नौ नवबंर को हुई मुंडलाना के मेहरबान की हत्या का पुलिस ने शुक्रवार की शाम खुलासा कर दिया है। कोतवाली में एसपी देहात प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि पेशे से चिनाई का काम करने वाले मेहरबान का गांव के आस मोहमद के घर मकान निर्माण को लेकर आना जाना था। आरोप है कि वह उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ करता था। उसकी बहन ने मेहरबान की हरकतों जानकारी परिजनों को दी थी। इस पर आस मोहम्मद ने मेहरबान को मना किया जिस पर मेहरबान ने उसकी बहन को गांव में बदनाम करने की धमकी दी। इसके बाद आस मोहम्मद ने मेहरबान को रास्ते से हटाने की योजना बना ली।
उसने अपनी बुआ के लड़के अकरम और साथी सुहेल के साथ मिलकर उसे जान से मारने की योजना तैयार की। नौ नवंबर को अकरम शराब पीने के लिए मेहरबान को लेकर मंगलौर आया और बाद में वापस लौटते समय नात्थूखेड़ी के पास आस मोहम्मद, सुहेल व अकरम ने तमंचे से गोली मारकर मेहरबान की हत्या कर दी। एसपी ने बताया कि तीनो आरोपियों को शुक्रवार को नहर पुल के पास से एसओजी व पुलिस दल ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एसएसपी की ओर से पुलिस दल को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की गई है। पत्रकारवार्ता के दौरान सीओ परीक्षित कुमार, प्रशिक्षु सीओ वीर सिंह, कोतवाल भान सिंह आदि मौजूद थे।
आरोपियों को पकडने वाली टीम
इंस्पेक्टर भान सिंह, नंद किशोर बचकोटी, एसओजी प्रभारी रणवीर सिंह, प्रताप चौहान, अहसान अली, बाबू खां, संदीप कुमार, देवेश, सुरेन्द्र नेगी, फूल सिंह, दीपक , मनोज, जाकिर, चन्द्रशेखर , महीपाल, अशोक,नितिन, आशुतोष, रविन्द्र, राजेश।