पाडली गुज्जर से सटे तेल्लीवाला गांव में रविवार रात घर की छत पर सो रहे राजमिस्त्री की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। लेकिन कमरे से सो रहे छोटे भाई को इसकी भनक तक नहीं लगी। सोमवार सुबह छोटा भाई जब गांव के अन्य युवक के साथ छत पर पहुंचा तो भाई को खून से लथपथ देखकर हतप्रभ रहे गया। पुलिस मामले की पड़ताल में जुट गई है। लेकिन देर शाम तक हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया।
मेहंदी हसन पुत्र मुंतजीर मूल रूप से सापला (देवबंद) के रहने वाले थे। लंबे समय से वह परिवार के साथ तेल्लीवाला गांव में रह कर राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। लेकिन इन दिनों उनकी पत्नी और बच्चे सापला गांव गए हुए थे। जबकि मेहंदी हसन भाई के साथ तेल्लीवाला गांव में रह रहे थे। रविवार रात वह घर की छत पर सो रहे थे। जबकि छोटा भाई नवी हसन कमरे में सोया था। गांव में रविवार रात एक शादी थी। जिसकी वजह से गांव में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बज रहा था। सोमवार सुबह छोटा भाई नवी हसन सोकर उठा और कमरे का दरवाजा खोलकर कहीं बाहर चला गया। वापसी में वह एक अन्य युवक को साथ लेकर लौटा। उसके बाद जैसे ही नवी छत पर गया तो बड़े भाई को खून से लथपथ देख हक्का-बक्का रह गया। उसकी गर्दन पर धारदार हथियार के निशान थे। इसी बीच मौके पर अन्य लोग भी पहुंच गए। सूचना पर सुबह करीब आठ बजे पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पहुंचाया। पुलिस क्षेत्राधिकारी एसके सिंह ने बताया कि हत्या की जांच की जा रही है। राजमिस्त्री के छोटे भाई से पूछताछ की जा रही है। संभावना है जल्द वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।
बरामद चूड़ियों में उलझी पुलिस!
तेल्लीवाला में राजमिस्त्री की हत्या के बाद से पुलिस सुबूत जुटाने में जुट गई है। लेकिन सुबूतों में शामिल छत से बरामद चूड़ियों में पुलिस की जांच उलझ गई है। घटना के दिन घर में कोई महिला नहीं थी। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर यह चूड़ियां किस की हैं। इसके अलावा राजमिस्त्री बीड़ी नहीं पीते थे लेकिन शव के पास से बीड़ियां भी मिली हैं।
राजमिस्त्री मेहंदी हसन की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने न सिर्फ ग्रामीणों से पूछताछ की बल्कि शव के पास से सबूत भी एकत्रित किए। ग्रामीणों के अनुसार मेहंदी हसन बीड़ी नहीं पीता था। लेकिन उसके आसपास कुछ जली बीड़ियां और कुछ बिना जली बीड़ियां पाई गईं हैं। शव के पास ही टूटी चूड़ियां भी बरामद हुई हैं। जबकि वारदात की रात परिवार में कोई महिला सदस्य घर में थी हीं नहीं। आशंका जताई जा रही है कि हत्या में किसी महिला का भी हाथ है। बीड़ियां भी कई सवाल खड़े कर रही हैं। इसका जवाब तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है। घर में वारदात की रात दो भाइयों के अलावा तीसरा कोई नहीं था। राजमिस्त्री की पत्नी और बच्चे गांव सापला गए हुए थे। वहां मेहंदी हसन के अन्य भाई और परिवार रहता है। सूत्रों के अनुसार हत्या से पहले रात 12 बजे के बाद तक मेहंदी हसन की अपनी पत्नी से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। ऐसे में मोबाइल की काल डिटेल पुलिस के लिए खुलासे में अहम साबित हो सकती है। इस संबंध में गंगनहर थाना प्रभारी जवाहर लाल का कहना है कि राजमिस्त्री की हत्या के बाद उसके शव के पास से टूटी चूड़ियां मिली हैं। उसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
अरमानों से बनाया था घर
तेल्लीवाला में जिस मकान की छत पर राजमिस्त्री मेहंदी हसन की हत्या की गई है, वह दो साल पहले ही उसने बड़े अरमानों के साथ बनाया था। लेकिन उसे क्या पता था कि इसी मकान में उसकी हत्या कर दी जाएगी।