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जीत का विश्वास दिलाने में कामयाब रहे

Sun, 22 Jan 2017 09:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो रुड़की
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लक्सर सीट पर कांग्रेस ने बसपा से दो बार विधायक रह चुके हाजी तसलीम को प्रत्याशी घोषित कर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। इस सीट पर पहले भाजपा और बसपा मुकाबले में थी। हालांकि जातीय समीकरणों में बंटे चुनाव में अभी यह अंदाजा लगाना कठिन हो गया है कि जीत का सेहरा किसके सिर पर सजेगा।    

बसपा से वर्ष 2002 और वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में हाजी तसलीम ने जीत दर्ज की थी। लेकिन, वर्ष 2012 के चुनाव में बतौर निर्दलीय लड़े ताहिर हसन के मुस्लिम बिरादरी में सेंधमारी के चलते उन्हें भाजपा के संजय गुप्ता से हार का सामना करना पड़ा। इस बार वे फिर बसपा के टिकट पर भाग्य आजमाने की जुगत में थे। लेकिन, बसपा ने पहले ही उनका टिकट काटकर सुभाष चौधरी को दे दिया था। हाजी तस्लीम चुनाव लड़ने का मन बना चुके थे।
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करीब तीन माह से उन्होंने बतौर निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए समर्थकों को जुटाना शुरू कर दिया। सूत्रों की मानें तो किसी पार्टी के बैनर तले चुनाव लड़ने की कोशिशों के तहत उन्होंने कांग्रेस में पैठ बनानी शुरू की। कई माध्यमों से उन्होंने सीएम हरीश रावत को यह बात समझाने में कामयाबी हासिल की कि बसपा में विधायक रहते हुए उन्होंने न केवल मुस्लिम बिरादरी का दिल जीता बल्कि दलित वर्ग भी उनके प्रति सहानुभूति रखता है। यही कारण है कि जातीय कार्ड के इस्तेमाल में माहिर सीएम रावत ने हाजी तसलीम पर दांव खेला। अब बसपा प्रत्याशी सुभाष चौधरी को कांग्रेस और भाजपा की दलित वोटों में सेंधमारी को रोकना चुनौती होगा। वहीं उन्हें गुर्जर बिरादरी का भी सहारा मिल सकता है। जबकि भाजपा प्रत्याशी संजय गुप्ता को भाजपा के कैडर और अन्य बिरादरी के मतदाताओं को साधने की चुनौती होगी। कुल मिलाकर इस सीटों पर तीनों ही प्रत्याशियों के सामने कड़ी चुनौती होगी।       

ताहिर समर्थन में तो सैनी के बगावती सुर       
-लक्सर सीट पर हाजी तसलीम को टिकट मिलने पर इस सीट पर दावेदारी कर रहे ताहिर हसन के सुर नरम हैं। उन्होंने पार्टी के फैसले के साथ होने की बात कही है। इससे कांग्रेस को मुस्लिम बिरादरी के बिखराव से तो निजात मिल गई है। लेकिन, टिकट मांग रहे डा. अंतरिक्ष सैनी को टिकट नहीं मिलने और उनके बगावती सुर के चलते सैनी समाज के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि पिछले चुनाव में भी सैनी समाज का एक तबका भाजपा के पक्ष में था। इस बिरादरी से आने वाले करीब 19 हजार मतदाता चुनाव में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।       

सीएम और प्रदेश अध्यक्ष ने मुझ पर विश्वास जताया है। उनके साथ मुस्लिम बिरादरी ही नहीं बल्कि दलित समाज का प्यार-मुहब्बत का रिश्ता भी है। विधानसभा चुनाव में विकास के नाम पर वह जनता के बीच जाएंगे।       
-हाजी तसलीम, कांग्रेस प्रत्याशी
      
हाईकमान ने हाजी तसलीम को मुझसे ज्यादा सीनियर समझकर टिकट दिया है। पार्टी हित में जो भी निर्णय लिया गया है। मैं उसके साथ हूं।       -ताहिर हसन, कांग्रेसी नेता       
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कांग्रेस ने सैनी बिरादरी की उपेक्षा की है। जबकि लक्सर सैनी बहुल सीट है। इस फैसले के खिलाफ लक्सर ही नहीं प्रत्येक विधानसभा में बिरादरी को एकजुट कर कांग्रेस को हराने का काम किया जाएगा।       
-डा. अंतरिक्ष सैनी, कांग्रेसी नेता
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