कोई दिल्ली तो कोई देहरादून में बैठकर हाईकमान से सीधे संबंधों का हवाला देकर दावेदारों को टिकट पक्का कराने का झांसा दे रहा है। इससे दावेदारों की सूची में पीछे खड़े नेताओं के चेहरों पर भी चमक दिखाई दे रही है। सूत्रों की मानें तो ऐसे दावेदारों को लाखों खर्च कर चुटकी में टिकट मिलने का पूरा भरोसा है। शहर से ही ऐसे कई नेता अलग-अलग पार्टियों से टिकट लेने के लिए देहरादून और दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।
चुनावी दंगल में उतरने से पहले इन दिनों टिकट को लेकर घमासान जारी है। खास बात यह है कि प्रबल दावेदारों को टिकट मिलने को लेकर जताया जा रहा आत्मविश्वास समझ में आता है, लेकिन जो दावेदारों की सूची में नीचले पायदान पर खड़े हैं, वे भी खुद को टिकट मिलने का डंका बजा रहे हैं। यह सब उन राजनीतिक बिचौलियों के झांसे के बल पर हो रहा है जो दावेदारों को दिल्ली और देहरादून में हाईकमान से सीधे संबंधों का हवाला दे रहे हैं। इन बिचौलियों के जाल में फंसे दोवदारों को उम्मीद है कि पार्टियों में प्रबल दावेदारों के बीच खींचतान के चलते धनबल के सहारे उन्हें टिकट मिल जाएगा। दिल्ली में डेरा डाले एक ऐसे नेता की बातों पर विश्वास करें तो उनकी डील पक्की हो चुकी है।
इनकी माने तो ऐन मौके पर प्रमुख दावेदारों को आपसी गुटबाजी के चलते बाहर का रास्ता दिखाकर उन्हें टिकट जारी कर दिया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली और दून में दर्जनों दावेदार किसी न किसी बिचौलिये का हाथ पकड़कर हाईकमान से सीधे टिकट फाइनल कराने की कोशिशों में जुटे हैं। हालांकि इस बात की भी पूरी संभावना है कि बिचौलिये के सहारे टिकट की आस में डटे दावेदारों को आखिरी मौके पर निराशा हाथ लगे।