रुड़की। रक्षाबंधन को लेकर एक ओर जहां भाइयों और बहनों में भारी उत्साह में है। वहीं क्षेत्र में 17 ऐसी बहनें हैं जिनके भाई तो हैं लेकिन वह महीनों से गुमशुदा हैं। ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि शायद इस रक्षाबंधन पर उनके भाई आ जाएं और वह अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी सजा सकें।
रक्षाबंधन भाई-बहनों का त्योहार है। इस दिन जहां बहनें भाई की कलाई पर राखीं बांधकर उनकी लंबी उम्र के लिए कामना करती हैं, वहीं दूसरी ओर भाई भी बहनों की हर मुसीबत से रक्षा करने का संकल्प लेता है। यही कारण है कि दूरदराज रहने वाले भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाने के लिए घर का रुख करते हैं। ऐसी ही आस में रुड़की की भी कई बहनों को भाइयों का इंतजार है। अचानक घर से लापता होने के बाद महीनों नहीं आने के बाद अब रक्षाबंधन पर बहनों को उम्मीद है कि शायद उनके भाइयों को घर की याद आ जाए। शहर में ही ऐसी 17 बहनों को अपने भाइयों को इंतजार है, जो महीनों और वर्षों से लापता हैं। परिजनों की ओर से सिविल लाइंस कोतवाली और गंगनहर कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई है, लेकिन इसके बाद भी उनका सुराग नहीं लग सका है।
केस स्टडी-1
चावमंडी निवासी 26 वर्षीय सन्नी 24 अप्रैल 2013 को अपने दोस्तों के साथ कहीं गया था। लेकिन उसके बाद से वह आज तक वापस नहीं लौटा है। परिजन उसकी सभी संभावित स्थानों पर तलाश कर चुके हैं, पर आज तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। सन्नी की बहन उर्वशी ने बताया कि वह अपने भाई का हर रोज इंतजार करती है। खासकर रक्षाबंधन के दिन उसे लगता है कि उसके भैय्या जरूर आएंगे। वह पिछले तीन साल से अपने भैय्या के लिए राखी लेकर आती है। इस बार भी वह राखी लाई है। उसे उम्मीद है कि उसके भैय्या जरूर वापस आएंगे।
केस स्टडी 2
सुनहरा रोड निवासी मानसी को भी अपने भाई का इंतजार है। करीब एक साल पहले उसका छोटा भाई अजय घर से खेलने के लिए गया था। लेकिन वह वापस नहीं आया है। वह अपने भाई के लिए राखी लेकर आई है। मानसी का कहना है कि शायद उसके भाई को रक्षाबंधन पर बहन की याद आ जाए और वह राखी बंधवाने के लिए रक्षाबंधन वाले दिन आ जाए। वह उसके लिए सुंदर सी राखी लाई है।