वन विभाग की टीम ने कब्जे में लिया
तीन चिकित्सकों का पैनल करेगा पोस्टमार्टम लक्सर क्षेत्र के मुंडाखेड़ा कलां में करीब सात वर्षीय गुलदार का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला । सूचना पर वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने मौके से गुलदार के शव को कब्जे में लिया। जिसका तीन चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम करने की तैयारी शुरू कर दी है।
मंगलवार को मुंडाखेड़ा कलां निवासी बबलू पुत्र फूल सिंह गांव से कुछ दूर स्थित गन्ने के खेत की तरफ गया। बबलू ने देखा कि खेत से किसी जानवर के मरे होने दुर्गंध आ रही है। जिस पर बबलू ने तीन चार अन्य लोगों के साथ मिलकर गन्ने के खेत में खोजबीन की तो देखा कि खेत के बीच में एक गुलदार मृत अवस्था में पड़ा था।
बबलू ने मामले की सूचना गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह को दी। सुरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस व वनविभाग को दी। पुलिस के बाद वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग की टीम ने मौके पर छानबीन करते हुए शव को कब्जे में लिया। टीम शव को लेकर लक्सर कस्बा स्थित वनविभाग के कार्यालय पहुंची। जहां पर शव पोस्टमार्टम की तैयारियां की जा रही है। वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर सिंह भारती ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
ग्रामीण जता रहे गुलदार के शिकार की आशंका
गुलदार की मौत के कारणों को लेकर अभी तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण जहां मौत के पीछे शिकारियों के होने की आशंका जता रहे हैं। वहीं वन विभाग के अधिकारी मामले में प्रथम दृष्टया सामान्य मौत होने का दावा कर रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
मुंडाखेड़ा कलां गांव में मिले मृत गुलदार की मौत के पीछे क्या कारण हो सकते हैं। इसके बाबत फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन मौत के पीछे तरह तरह के बातें सामने आ रही है। मौके पर जमा ग्रामीणों का कहना था कि शिकारियों ने सुअर का शिकार करने के लिए खटकड़ा लगाया होगा। जिसमें गुलदार फंस गया। जिसके बाद शिकारियों ने खटकड़ा निकालने के लिए गुलदार को किसी तरह मार डाला। वहीं दूसरी ओर वनविभाग के अधिकारियों का कहना है कि शव के सभी अंग सुरक्षित है। यदि कोई शिकारी गुलदार का शिकार करता तो वह लाखों रूपये के अंगोीं को अपने साथ ले जाता। वह मौके पर शव को छोड़कर फरार नहीं होता। वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर सिंह भारती ने बताया कि प्रथमदृष्टया बीमारी आदि के कारण गुलदार की मौत का अनुमान लगाया जा रहा है।
तीन चिकित्सक करेगे पोस्टमार्टम
वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर सिंह भारती ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए तीन चिकित्सकों का पैनल तैयार किया गया है। जिसमें लक्सर के पशु चिकित्सालय के प्रभारी डा. राजपाल ंसिंह, गोवर्धनपुर से डा. रविंद्र व खानपुर से पीके सिंह मोजूद रहेंगे।
मरा हुआ भी पच्चीस लाख का
वन क्षेत्राधिकारी दिगंबर सिंह भारती ने बताया कि शिकारी ने गुलदार का शिकार नहीं किया है। इसके अंगों को निकालकर बाजार में अच्छी खासी कीमतों पर बेच सकता था। जिसकी कीमत बाजार में करीब पच्चीस लाख रूपये है। जिससे लग रहा है कि गुलदार की मौत सामान्य कारणों से हुई है।
पुलिस से दो घंटे लेट पहुंचा वनविभाग
ग्रामीणों के अनुसार सुबह करीब साढ़े सात बजे वनविभाग व पुलिस दोनों को सूचना दे दी गई। जिसके बीस मिनट बाद सिविल पुलिस तो मौके पर पहुंच गई। लेकिन वनविभाग की टीम का इंतजार करना पड़ा। जिसके बाद करीब साढ़े नौ बजे वनविभाग की टीम मौके पर पहुंची ओर शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया।