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कृषि कानूनों के विरोध में किसान कांग्रेस का धरना

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ुड़की तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर किसानों की समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस - फोटो : ROORKEE
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कृषि कानूनों और किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर किसान कांग्रेस कमेटी ने तहसील में धरना दिया। इस दौरान वक्ताओं ने भाजपा सरकार पर किसानों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। साथ ही राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपकर तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग उठाई।
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बृहस्पतिवार को तहसील में धरने को संबोधित करते हुए किसान कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील राठी ने कहा कि आज किसान पूरी तरह समस्याओं से त्रस्त है। सरकार ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है। देश का अन्नदाता दो महीने से भी अधिक समय से सड़कों पर है, लेकिन केंद्र सरकार उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के कारण किसानों की अनदेखी कर रही है। जिलाध्यक्ष सतपाल परमार ने कहा कि सरकार ने जो कृषि कानून किसानों पर थोपे हैं, उन्हें तुरंत वापस लेना चाहिए। महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रश्मि चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार किसानों और मजदूरों के शोषण पर उतारू है।
उदय सिंह पुंडीर ने कहा कि किसानों की कुछ समस्याएं जटिल बनती जा रही हैं। संजय पाल ने कहा कि कांग्रेस किसानों के हर कदम पर उनके साथ खड़ी है। इसके बाद किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया। ज्ञापन में तीनों कृषि कानून वापस लेने, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानून बनाने, गन्ने का मूल्य तुरंत निर्धारित करने, गन्ने के बकाया भुगतान किसानों को तुरंत दिए जाने समेत अन्य मांगें उठाई गईं। इस अवसर पर रियाज पुंडीर, अरविंद प्रधान, सुधीर शांडिल्य, राजपाल सिंह, राव फरमूद, सुमित, मुकेश सैनी, गुलफाम, वीरेंद्र ठाकुर, सुशील पेंगवाल, पूर्व मंत्री मेलाराम प्रजापति, रवि प्रकाश, कमला चौधरी, अमन कुमार, निजाम पठान, भूषण, राव फरमान, निधि राणा आदि मौजूद रहे।
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