रुड़की।पिरान कलियर सीट पर कांग्रेस का झंडा हवा का रुख बदल सकता है। कांग्रेस जहां मुस्लिम वोटों के सहारे जीत सुनिश्चित करने के प्रयास में है। इस सीट पर बसपा मुस्लिम चेहरे को सामने लाती है तो कांग्रेस-बसपा में कड़ी टक्कर के आसार हैं। जबकि भाजपा को गैर मुस्लिम वोटों के सहारे नैय्या पार होने की उम्मीद है।
पिछले विधानसभा चुनाव के परिणामों पर गौर करें तो यहां कांग्रेस, भाजपा और बसपा तीनों कड़े मुकाबले में थे। हालांकि जीत कांग्रेस प्रत्याशी फुरकान अहमद की हुई थी। यह 25 हजार 870 वोट लेकर पहले स्थान पर रहे। बसपा के शहजाद 23 हजार 926 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर भाजपा के श्यामवीर सिंह सैनी ने 21 हजार 648 मत हासिल किए थे। इस सीट पर पिछली बार कांग्रेस-बसपा से मुस्लिम चेहरे थे। इस बार भी बसपा मुस्लिम चेहरे को सामने लाती है तो कांग्रेस को कड़ी टक्कर देने की स्थिति होगी। वहीं भाजपा भी इस बार मजबूती के साथ चुनाव लड़ती है तो गैर मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन से नैय्या पार लगाने की कोशिश करेगी।
लब्बालुआब यह है कि मुस्लिम वोट जिस पक्ष में एकतरफा रुझान दिखाएंगे। उसका पलड़ा भारी हो सकता है। ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद है कि वह मुस्लिम बिरादरी को पूरी तरह अपने पक्ष में करने में कामयाब रहेगी। यही कारण है कि कांग्रेस के झंडे के नीचे मुस्लिम वर्ग को एकजुट करने के लिए कौमी एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। यदि इस सीट पर कांग्रेस के झंडे तले मुस्लिम बिरादरी एकजुट होती है तो यहां चुनाव का रुख कांग्रेस के पक्ष में होगा। हालांकि समीकरण किसके पक्ष में सटीक बैठते हैं, इसका सही आकलन सभी पार्टियों में टिकटों के फाइनल होने के बाद ही हो सकेगा।