शहर में आबादी के लिहाज से पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए जल संस्थान अब अपनी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। कुंभ निधि के बजट में लाखों रुपये की लागत से दो नए टैंकर खरीदने के लिए एक प्रस्ताव शासन को भेजा है।
अधिशासी अभियंता विपिन चौहान का कहना है कि अक्सर देखा जाता है कि गर्मियों के दौरान मोटर खराब होने या तकनीकी दिक्कतों के चलते कई इलाकों में जलापूर्ति बाधित हो जाती है। ऐसे में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ता है और विभाग को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। इसी समस्या के समाधान के लिए जल संस्थान ने 3500 क्षमता के दो पानी के टैंकर खरीदने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा है।
पानी की कमी को पूरा करने के लिए कभी-कभी जरूरत पड़ने पर 1 हजार या 1500 सौ रुपये में निजी टैंकर किराए पर लेकर आपूर्ति बहाल रखनी पड़ती है। इससे अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ता है और समय पर पानी पहुंचाने में भी दिक्कत आती है। प्रस्ताव के अनुसार, विभाग के पास अपने टैंकर होने से आपात स्थिति में तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा सकेगा। इससे न केवल लोगों को राहत मिलेगीबल्कि विभाग की निर्भरता निजी टैंकरों पर भी कम होगी।