भाजपा की ओर से विधानसभा प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद एक बार फिर रुड़की सीट पर प्रदीप बत्रा और सुरेश चंद जैन आमने सामने होंगे। भाजपा से टिकट न मिलने से नाराज सुरेश चंद जैन ने हर हाल में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि वे कांग्रेस या फिर निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। इससे कांग्रेस से टिकट की आस लगाए मेयर यशपाल राणा, पूर्व राज्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी मनोहर लाल शर्मा और हंसराज सचदेवा को झटका लग सकता है।
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सुरेश चंद जैन को मैदान में उतारा था। जबकि प्रदीप बत्रा कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़े थे। अबकी बार स्थिति उलट है। कांग्रेस से बगावत कर भाजपा में शामिल हुए प्रदीप बत्रा को इस बार भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है, जबकि सुरेश चंद जैन ने विरोध में चुनाव लड़ने का एलान किया है। हालांकि अभी उन्होंने यह नहीं बताया कि वह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे या फिर निर्दलीय उतरेंगे। इस संबंध में उन्होंने मोबाइल फोन पर बताया कि उनका चुनाव लड़ना तय है लेकिन, किसी पार्टी से लड़ेंगे या निर्दलीय उतरेंगे इसका निर्णय मंगलवार देर रात तक हो जाएगा। जैन के करीबियों और समर्थकों की मानें तो कांग्रेस से उनका चुनाव लड़ना तय है। हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान को लेना है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस से टिकट के लिए सुरेशचंद जैन दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। जल्द इसकी घोषणा हो सकती है। समर्थक भी इसके प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं। यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस में पहले से टिकट की आस लगाए बैठे महारथियों को झटका लग सकता है।
सुरेशचंद जैन नहीं करेंगे गलती : जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष कल्पना सैनी का कहना है कि सुरेशचंद जैन पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। हमें विश्वास है कि वह कहीं जाने की गलती नहीं करेंगे। किसी को भी टिकट नहीं मिलने पर कष्ट होना स्वाभाविक है लेकिन, निर्णय के बाद सभी पार्टी के साथ हैं। हम रुड़की जिले की सभी छह सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।