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आयो रे आयो रे, रंगीलो सावन आयो रे...

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रुड़की स्थित मोहनपुरा में तीज को लेकर आयोजित कार्यक्रम में झूला झूलती महिलाएं। - फोटो : ROORKEE
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रुड़की शहर से लेकर देहात तक शनिवार को हरियाली तीज परंपरागत रूप से मनाया गया। इस तीज पर सुहागिनों ने गीत गाए। महिलाओं ने पूजन कर पति की दीर्घायु की कामना की। वहीं, देर शाम तक भाइयों की ओर से बहनों के यहां सिंधारा ले जाने का सिलसिला भी चलता रहा।
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सावन हर तरफ हरियाली और खुशियां लेकर आता है। इस माह में एक ओर भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाती है। वहीं, हरियाली तीज पर सुहागिन महिलाएं तीज माता की आराधना करती हैं। तीज माता से पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। शनिवार को रुड़की शहर से लेकर लक्सर, खानपुर, मंगलौर, नारसन और झबरेड़ा आदि में रिमझिम फुहारों के बीच हरियाली तीज मनाया गया। महिलाओं ने नए परिधानों, मेहंदी से सजे हाथ, श्रृंगार से सजकर महिलाएं आसपास एक-दूसरे के घर गईं। बारिश के चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में झूले नहीं डाले जा सके। बल्कि घरों में ही ग्रामीण महिलाओं ने आयो रे आयो रे तीज का त्योहार..., आयो रे आयो रे रंगीलो सावन आयो रे..., इस तरह के लोकगीत महिलाओं की मंडलियों में सुनाई दिए। महिलाओं ने व्रत रखकर हरियाली तीज की कथा सुनी तथा पति की लंबी उम्र की कामना की।
हरियाली तीज पर किया पौधरोपण
सुल्तानपुर। हरियाली तीज के मौके पर सुल्तानपुर कस्बा के सेंट जेपी कांवेंट पब्लिक स्कूल में फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया। प्रधानाचार्य आरके शर्मा ने मानव जीवन में पौधरोपण का महत्व समझाते हुए बताया कि पौधरोपण से पर्यावरण संतुलन बना रहता है। साथ ही हमें प्राणवायु ऑक्सीजन प्राप्त होती है, जो मानव जीवन के लिए उपयोगी ही नहीं, बल्कि बहुत जरूरी है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक लाल सिंह सैनी, देवेश पुरोहित, नौशाद अली, नितिश भारती, रोमन, ममता रानी, मंजू अलारिया, रीता सैनी, शिवानी, प्रीति, बबली, फरहाना नूरी, मानषी गोयल, सुमन सैनी, काजल, आंचल, रेशमा आदि अध्यापक-अध्यापिकाओं ने सहयोग किया।
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हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों की है यहां आस्था
चुड़ियाला। कुंजा बहादरपुर गांव में हरियाली तीज के अवसर पर गोगा म्हाड़ी पर भव्य मेला लगाया गया। इस मेले में दूरदराज से श्रद्धालुओं ने आकर मन्नतें मांगी। साथ ही प्रसाद भी चढ़ाया।
शनिवार को पूरे दिन बच्चे से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों का ताता लगा रहा। मेले के विशेष महत्व को लेकर बुजुर्ग सरदार सिंह ने बताया कि लगभग 30 वर्ष पहले गांव के मुस्लिम परिवार में काजे खां के बेटे अल्लाद्दीन का पोलियो से एक पैर और एक हाथ खराब हो गया था। तब उन्होंने मन्नत पूरी होने पर गोगा पीर के दरबार में प्रसाद चढ़ाने का संकल्प लिया था। उसके ठीक होने के बाद वे हनुमानगढ़ स्थित गोगा म्हाड़ी से एक ईंट लेकर आए थे। उसके बाद गांव के दिलेराम के सहयोग से विशाल म्हाड़ी व मेले का आयोजन शुरू हो गया। तभी से प्रत्येक वर्ष हरियाली तीज के दिन विशाल मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम सहित सभी धर्मों के लोग प्रसाद चढ़ाने के लिए पहुंचते हैं।
मेहंदी प्रतियोगिता में नितांशी प्रथम
झबरेड़ा। राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में तीज के अवसर पर मेहंदी प्रतियोगिता कराई गई। इसमें विजेता छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में 11वीं की छात्रा नितांशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। दूसरा स्थान 12वीं की शिवांशी और 11वीं की संध्या ने संयुक्त रूप से हासिल किया। जबकि तीसरे स्थान पर संयुक्त रूप से 12वीं की आसमा और करीना रहीं। प्रधानाचार्य डा. सरोजनी ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
खानपुर में भी हरियाली तीज की धूम
खानपुर। हरियाली तीज पर क्षेत्र की सुहागिनों ने सोलह श्रृंगार कर विधिविधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। महिलाओं ने अपने पति की लंबी आयु, घर में सुख शांति और देश में उन्नति की प्रार्थना की।

रुड़की स्थित एक होटल में तीज को लेकर क्वींस क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम में नृत्य करती महिलाएं- फोटो : ROORKEE

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