कांस्टेबल अमित चौधरी की हत्या का मामला पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। हत्याकांड को एक माह हो चुका है, लेकिन अभी तक नामजद दोनों हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इसके अलावा पुलिस अधिकारियों की ओर से हत्यारोपियों का लाई डिटेक्टर पर टेस्ट भी नहीं कराया गया है जबकि परिजनों को पुलिस अधिकारियों ने ऐसा आश्वासन दिया था। मरहूम कांस्टेबल की पत्नी ने पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
थाना रामनगर की पीरू मदारा चौकी में तैनात कांस्टेबल अमित चौधरी कांवड़ ड्यूटी में आया था। 27 जुलाई को जीआरपी रुड़की की बैरक में संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी गोली लगने से मौत हो गई थी। घटना के संबंध में जीआरपी रुड़की पुलिस चौकी के उप निरीक्षक अमित कुमार ने कांस्टेबल संजय पाल और राजा गौतम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। अमित चौधरी को जो गोली लगी थी वह संजय की लाइसेंसी रिवाल्वर की थी।
घटना के समय अमित चौधरी, संजय पाल और राजा गौतम एक साथ खाना खा रहे थे। आरोपियों का कहना था कि अमित रिवाल्वर देख रहा था। उसी दौरान गोली चल गई। जिससे अमित की मौत हो गई थी। मरहूम कांस्टेबल की पत्नी ज्योति चौधरी निवासी जसपुर, ऊधमसिंह नगर का कहना है कि आरोपी झूठ बोल रहे हैं या सच, इसके लिए पुलिस अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि आरोपियों का लाई डिटेक्टर पर टेस्ट कराया जाएगा। लेकिन एक माह बीतने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। घटना में इस्तेमाल हुई रिवाल्वर को भी फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया है। इसके अलावा दोनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार भी नहीं किया गया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।