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कहने को इंटर कालेज, हालत बद से बदतर

Mon, 11 Jul 2016 11:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला रुड़की
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स्‍ककूल - फोटो : अमर उजाला
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रुड़की। शहर के एकमात्र राजकीय कन्या इंटर कालेज रामनगर के हालत बद से भी बदतर हैं। मैदान की चहारदीवारी न होने के कारण दर्जनों वाहन स्कूल टाइम में ही खड़े रहते हैं। इतना ही नहीं मैदान में 15 परिवार टैंट और तिरपाल लगाकर रह रहे हैं। मोहल्लेवालों का आम रास्ता होने और परिसर में दिनभर आवारा पशुओं के घूमने के चलते छात्राएं खेलने कूदने से भी मोहताज हैं।
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देखने से बिल्कुल नहीं लगता कि यह इंटर कालेज होगा। आसपास के मोहल्ले वाले कालेज परिसर में अपने घरों का कूड़ा डाल रहे हैं। पुराने मकानों का मलबा मैदान में फैला रखा है। पूरा खेल मैदान कूड़े से अटा पड़ा है। परिसर के अंदर एक किनारे गोबर का ढेर लगा हुआ है। साथ ही कालेज परिसर में 15 से अधिक परिवार टैंट और तिरपाल डालकर रह रहे हैं। कालेज की चहारदीवारी नहीं होने के चलते आवारा पशु और सुअर दिनभर स्कूल में घूमते रहते हैं। पास के दो मोहल्लों के लोगों के लिए कालेज परिसर आम रास्ता है। लोग परिसर के बाहर बनी कालोनी की सड़कों पर चलने की बजाय स्कूल परिसर से होकर गुजरते हैं। कूड़ा, गाड़ियों की पार्किंग, आमरास्ता और अवैध कब्जे के चलते कालेज की छात्राएं खेल भी नहीं पा रही है। आधी छुट्टी में भी कमरों के अंदर बैठे रहना छात्राओं की मजबूरी बना हुआ है।
इनसेट
तीन कमरों में चल रहा कालेज
राजकीय कन्या इंटर कालेज केवल तीन कमरों में संचालित हो रहा है। इनमें से एक कमरे में साइंस लैब का सामान पड़ा है। बाकी दो कमरों में नौवीं से 12वीं तक की चार कक्षाएं चलती हैं। इनमें ही प्रधानाचार्य और स्टाफ के बैठने की व्यवस्था है। जबकि होम साइंस, बायोलॉजी जैसे अन्य विषयों की लैब और लाइब्रेरी की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।
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इनसेट
पेयजल और शौचालय नहीं
छात्राओं और स्टाफ के लिए कालेज में पीने के पानी का कनेक्शन तक नहीं है। परिसर में केवल एक हैंडपंप लगा हुआ है। लेकिन इससे पीला पानी निकलता है। पानी के लिए छात्राएं और शिक्षिकाएं अपने-अपने घरों से पानी साथ लाने को मजबूर हैं। शौचालय न होने से छात्राओं और स्टाफ को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
लोगों को कई बार कालेज परिसर में कूड़ा डालने से मना किया गया। वाहन खड़े करने से भी कई बार रोका गया। लेकिन कोई मानने को तैयार नहीं है। जिन परिवारों ने टैंट डालकर मैदान पर कब्जा किया है उनसे कई बार जाने के लिए कहा गया। विभागीय और प्रशासनिक अधिकारियों से लिखित में शिकायत भी की। लेकिन आज तक कब्जेदार नहीं हटाए गए। बाउंड्रीवाल, पेयजल, शौचालय, प्रधानाचार्य और लैब लाइब्रेरी के लिए अतिरिक्त कक्ष बनाने की मांग भी कई बार विभाग से की गई। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।
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नीलम कटियार, प्रधानाचार्या, राजकीय कन्या इंटर कालेज, रुड़की।
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