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आईआईटी को मिला द मोस्ट इनोवेटिव इंस्टीट्यूट आफ ईयर का पुरस्कार

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आईआईटी रुड़की द्वारा विकसित की गई तीन तकनीक - फोटो : ROORKEE
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भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) इंडस्ट्रियल इनोवेशन अवार्ड्स 2020 में आईआईटी रुड़की को नवाचार कार्यों के लिए ‘द मोस्ट इनोवेटिव इंस्टीट्यूट ऑफ द ईयर’ घोषित किया गया है। यह पुरस्कार प्रोफेसर डीएसटी (डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नालोजी), भारत सरकार के सचिव आशुतोष शर्मा और सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष कृष गोपालकृष्णन ने प्रदान किया।
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दिल्ली में आयोजित एक समारोह में रुड़की के तीन नवाचारों सहित शीर्ष 25 इनोवेटिव कंपनियों पर एक संग्रह लांच किया गया। तीन नवाचारों में नैनो कोटिंग मास्क, प्राणवायु वेंटिलेटर और हील एग्नोस्टिक तकनीक शामिल हैं। इस मौके पर प्रोफेसर आशुतोष शर्मा ने संस्थान से अपेक्षा की कि उद्योगों के बेहतर भविष्य के लिए अपने नवाचार को जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि भारत नवाचार का एक पावर हाउस है और दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र है। उद्यम अर्थव्यवस्था और समाज के लिए एक परिवर्तक बन सकते हैं। सीआईआई के पूर्व अध्यक्ष कृष गोपाल कृष्णन ने कहा कि हमारे पास अनुसंधान, उत्पादों और सेवाओं को प्राप्त करने के लिए नवाचार पर काम करने और वैश्विक सहयोग के लिए एक स्वस्थ तंत्र होना चाहिए। अधिक से अधिक कंपनियों को इस मंच पर अपने नवाचार का प्रदर्शन करना चाहिए।
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कोरोना की लड़ाई में आए आगे
कोरोना की लड़ाई में आगे आकर आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिकों ने कम लागत वाला पोर्टेबल वेंटिलेटर और नैनो कोटिंग मास्क बनाया है। पोर्टेबल वेंटिलेटर कोविड 19 के गंभीर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में उपयोगी और किफायती है। प्राण वायु नाम के इस क्लोज्ड लूप वेंटिलेटर को एम्स ऋषिकेश के सहयोग से विकसित किया गया है। इसी तरह संस्थान के वैज्ञानिकों ने ब्रेस्ट लंग ओरल कैंसर डिटेक्टर के रूप में हील एग्नोस्टिक तकनीक विकसित की है, जो छोड़े गए सांस से ब्रेस्ट या ओरल कैंसर का पता लगाने में स्क्रीनिंग डिवाइस के रूप में करती है।
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