नारसन बार्डर पर लगा गंदगी का ढेर।
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बॉर्डर पर रोजाना हजारों की संख्या में बाहरी राज्यों से लोग पहुंच रहे हैं। ये लोग बॉर्डर पर जांच को तो सही ठहरा रहे हैं लेकिन जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर उन्हें परेशान कर रहे हैं। वहीं बॉर्डर पर मंगलवार को 3320 लोगों की कोरोना जांच की गई। इसमें से 33 लोग संक्रमित मिले। इन सभी को बॉर्डर से लौटा दिया गया।
नारसन बॉर्डर पर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कोरोना जांच के लिए सात बूथ बनाए गए हैं। इनपर रोजाना हजारों की संख्या में लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। जांच कराने पहुंच रहे लोगों का कहना है कि बॉर्डर पर जांच करना एक सही निर्णय है। इससे कोरोना के मरीजों का पता चल रहा है और उन्हें आइसोलेट कर कोरोना का प्रसार बढ़ने से रोका जा रहा है लेकिन बॉर्डर पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। लोगों ने बॉर्डर पर साफ-सफाई की उचित व्यवस्था करनी की मांग की है।
कोट:
नारसन बॉर्डर पर कोरोना जांच के बाद ही उत्तराखंड में प्रवेश देना अच्छा निर्णय है। इससे कोरोना के मरीजों का पता चल रहा है और उन्हें आइसोलेट किया जा रहा है। इससे कोरोना की रफ्तार कम होगी लेकिन सफाई की व्यवस्था न होना बड़ी लापरवाही है।-अमन, मेरठ
नारसन बॉर्डर पर शौचालय की व्यवस्थाएं बहुत खराब हैं। जहां जांच हो रही है वहां पर गंदगी के ढेर के साथ ही गंदा पानी फैला हुआ है। लाइन में लगकर दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। सफाई व्यवस्था दुरुस्त होनी चाहिए।-बिगंबर, पलवल, हरियाणा