रुड़की। देहरादून-दिल्ली हाईवे से उत्तराखंड आने वाले यात्रियों को नारसन बॉर्डर पर थर्मल स्क्रीनिंग और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए लाइन में नहीं लगना होगा। खुद पंजीकरण कर आने वाले हजारों यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत बॉर्डर पर तैनात कर्मचारी वाहनों में ही यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग कर पूरी जानकारी रजिस्टर में दर्ज करेंगे। बॉर्डर का निरीक्षण करने पहुंचीं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने जरूरी दिशा निर्देश देकर शुक्रवार से यह व्यवस्था लागू करा दी है।
अनलॉक-4 में कई तरह की ढील मिलने के बाद नारसन बॉर्डर पर विभिन्न प्रदेशों के छह हजार से अधिक बाहरी यात्री रोजाना पहुंच रहे हैं। पंजीकरण होने के बावजूद इन्हें थर्मल स्क्रीनिंग और जानकारी दर्ज कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता था। भीड़ होने के कारण शारीरिक दूरी के नियम का भी पालन नहीं हो पा रहा था। इसके चलते यात्रियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। साथ ही बॉर्डर पर भी कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ था। इसी के मद्देनजर जिलाधिकारी सी रविशंकर के आदेश पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल ने नई व्यवस्था लागू करने के लिए शनिवार को नारसन बॉर्डर का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके तहत अब बाहर से आने वाले यात्रियों को लाइन में नहीं लगना होगा। कर्मचारी खुद वाहनों में ही यात्रियों की स्क्रीनिंग आदि करने के बाद रजिस्टर में एंट्री दर्ज करेंगे। इससे लोगों को सहूलियत होगी। साथ ही कोरोना संक्रमण का खतरा भी कम हो जाएगा।
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दो शिफ्टों में व्यवस्था संभालेंगे पीआरडी के 30 जवान
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामी बंसल ने बताया कि नई व्यवस्था के लिए पीआरडी के 30 जवानों की तैनाती की गई है। दो शिफ्टों में 12-12 पीआरडी जवान तैनात रहेंगे जबकि रात में छह जवानों की तैनाती होगी। उन्होंने बताया कि पुलिस भी यात्रियों की सुविधा का ख्याल रखेगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसी भी यात्री को असुविधा नहीं होने दी जाएगी।