स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों के कूटरचित प्रमाणपत्रों के मामले में लेखपालों पर हुई कार्रवाई पर लेखपालों में नाराजगी है। लेखपाल संघ ने 25 सितंबर से प्रमाणपत्रों से संबंधित सभी कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया है। लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेश घिल्डियाल ने बताया कि आंदोलन की शुरुआत में देहरादून जनपद में प्रमाणपत्र संबंधी कार्यों का बहिष्कार किया जा रहा है। उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए दूसरे जनपदों में भी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
लेखपाल संघ के प्रदेश अध्यक्ष देवेश घिल्डियाल ने बताया कि लेखपालों पर मैदानी क्षेत्र में अत्यधिक कार्यभार है। एक ही दिन में एक आईडी पर 50 से 100 प्रमाणपत्र आते हैं। ऐसे में आवेदक की ओर से अपलोड किए गए दस्तावेजों के आधार पर ही आख्या देनी पड़ती है।
संगठन की ओर से आवेदक, सीएससी, जनाधार का शपथपत्र संलग्न कराए जाने, आवेदन के लिए ओटीआर व्यवस्था लागू किए जाने, सीएससी और आवेदक के लिए बायोमीट्रिक और आधार आधारित ओटीपी व्यवस्था लागू किए जाने की मांग की गई है। यदि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती तो प्रदेश भर में प्रमाणपत्रों से संबंधित कार्यों का बहिष्कार करने के लिए संगठन बाध्य होगा। फिलहाल लक्सर तहसील सहित हरिद्वार जनपद के लेखपालों की ओर से आंदोलन के समर्थन में सांकेतिक विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष उम्मेद सिंह सहित लेखपाल मौजूद रहे।