रुड़की। रक्त की कमी से ब्लड बैंक बेजान होता जा रहा है। 350 यूनिट की क्षमता वाले ब्लड बैंक में मात्र 45 यूनिट रक्त रह गया है। इससे मरीजों और घायलों की जान मुश्किल में पड़ सकती है।
सिविल अस्पताल रुड़की में स्थित ब्लड बैंक में प्रतिदिन औसतन 20-25 यूनिट रक्त घायल, बीमार, थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दिया जाता है। रुड़की के साथ-साथ लक्सर, भगवानपुर, देवबंद, झबरेड़ा, पुरकाजी आदि से क्षेत्रों से लोग मरीजों के लिए रक्त लेने के लिए आते हैं। लेकिन अब मरीजों की मुश्किलें बढ़ने वाली है। यदि रक्तदाता रक्तदान के लिए आगे नहीं आए तो आने वाले कुछ दिन में ही ब्लड बैंक बंद होने की स्थिति में आ जाएगा। ब्लड बैंक में फिलहाल 45 यूनिट ब्लड शेष है। जबकि ब्लड बैंक की क्षमता 350 यूनिट है। वैसे तो जो ब्लड लेने जाता है नियमानुसार उसे ब्लड देना भी पड़ता है। लेकिन थैलीसिमिया से पीड़ित बच्चों आदि के मामले में उनसे बदले में रक्त नहीं लिया जाता है। ब्लड बैंक में लगभग सभी ग्रुप के रक्त हैं। लेकिन उनकी यूनिट बेहद कम रह गई है।
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ब्लड बैंक में रक्त खत्म होने को है। रक्तदाताओं और सामाजिक संगठनों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। रक्तदान के लिए कैंप लगाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- डा. रजत सैनी, प्रभारी, ब्लड बैंक रुड़की।