पिरान कलियर (रुड़की)। दरगाह क्षेत्र के आशियाना गेस्टहाउस में अमरोहा निवासी युवती की हत्या बेवफाई से आहत उसके प्रेमी ने ही की थी। पुलिस ने शनिवार को अमरोहा (यूपी) निवासी आरोपी को रुड़की से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से कमरे की चाबी बरामद की। उसके बाद एसएसपी ने फर्जी आईडी से कमरा देने पर गेस्टहाउस सील करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शनिवार दोपहर एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने कलियर थाने में पत्रकारवार्ता के दौरान हत्याकांड से पर्दा उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कलियर-धनौरी रोड पर आशियाना गेस्टहाउस के एक कमरे से सात अप्रैल को युवती का शव बरामद हुआ था। इस मामले में पुलिस ने कमरे में ठहरने वाले कैराना निवासी सुधीर समेत तमाम संदिग्धों से पूछताछ की। लेकिन हत्यारोपी का पता नहीं चला। तीन दिन पहले परिजनों ने युवती की शिनाख्त की थी।
पूछताछ में कुछ अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे थे। उसके आधार पर शनिवार सुबह एसओ कलियर महेश जोशी की अगुवाई में एक टीम ने रुड़की रोडवेज बस अड्डे से युसुफ पुत्र शब्बीर निवासी उकसी, रायपुर, अमरोहा जेपीनगर (यूपी) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। लेकिन कुछ दिन से उसकी नजदीकियां फैक्ट्री में काम करने वाले अनुज नाम के युवक से हो गई थी। कई बार मना करने पर वह नहीं मानी।
युसुफ ने बताया कि पहले उसने सात मार्च को हत्या की प्लानिंग की थी। वह प्रेमिका को लेकर कलियर पहुंचा था। लेकिन मौका नहीं मिला। उसके बाद फिर योजना बनाकर वह प्रेमिका को लेकर पांच अप्रैल को कलियर पहुंचा और अमृत नाम की फर्जी आईडी पर गेस्टहाउस में कमरा लिया। हत्या के बाद शव को बेड के नीचे डालकर फरार हो गया। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस ने निर्देश दिए कि फर्जी आईडी से कमरा दिया गया है। इस पर गेस्टहाउस सील किया जाए। खुलासे के दौरान एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह डोबाल मौजूद रहे।
दिल्ली से मिला था ड्राइविंग लाइसेंस
आरोपी युसुफ महिपालपुर, दिल्ली की एक कंपनी में काम करता है। उसे पुल के पास अमृत नामक व्यक्ति का ड्राइविंग लाइसेंस मिला था। इस आईडी पर उसने कई मर्तबा कलियर में कमरा लिया था। लेकिन गेस्टहाउस संचालक ने न लाइसेंस पर लगे फोटो का युसुफ से मिलान किया और न युवती की आईडी मांगी। यही वजह रही कि हत्या का खुलासा करने में पुलिस को माथापच्ची करनी पड़ी।
पुलिस को ढाई हजार का इनाम
हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। खुलासा करने वाली टीम में एसओ महेश जोशी, उपनिरीक्षक महानंद, धनौरी चौकी प्रभारी रनजीत तोमर, सिपाही मानविंद्र, अरविंद, उमेश जोशी आदि शामिल रहे। एसएसपी ने टीम को ढाई हजार इनाम देने की घोषणा की।
गिरफ्तारी की कहानी में झोल
पुलिस के मुताबिक हत्यारोपी को रुड़की बस अड्डे से गिरफ्तार किया है। इनका कहना है आरोपी यहां यह देखने आया था कि पुलिस हत्याकांड में क्या कर रही है। सवाल यह उठता है कि अपराध करने के बाद अपराधी पुलिस से कोसों दूर भागते हैं। ऐसे में भला युसुफ पुलिस पर नजर रखने क्यों आएगा।
कलियर से शुरू प्रेम कहानी यहीं खत्म
पिरान कलियर। प्रेमिका के खून से हाथ रंगने वाले युसुुफ की प्रेम कहानी पिरान कलियर में परवान चढ़ी थी। प्यार में बेवफाई होने पर इसका खौफनाक अंत भी यहीं पर हुआ। लेकिन प्रेमी से खलनायक बने युसुफ के चेहरे पर शिकन तक नहीं है।
अमरोहा निवासी युवती का परिवार कुछ वर्ष पहले काम की तलाश में यूपी से उत्तराखंड आया था। सिडकुल की एक फैक्ट्री में काम करने के दौरान परिवार ने बहादराबाद के सलेमपुर में किराये का मकान लिया। करीब डेढ़ साल पहले युवती परिवार के साथ कलियर आई हुई थी। इसी दौरान युसुफ भी जियारत करने कलियर आया। दोनों की मुलाकात होने पर पता चला कि युसुफ और प्रेमिका मूल रूप से अमरोहा जिले के रहने वाले हैं। इस नाते दोनों के बीच फोन पर भी बातचीत होने लगी।
प्यार परवान चढ़ने पर युसुफ दिल्ली से अक्सर अपनी प्रेमिका से मिलने आने लगा। लेकिन अचानक इस प्रेम कहानी में किसी तीसरे की एंट्री हो गई। यह बात पता चलने पर युसुफ ने कई बार प्रेमिका को समझाने की कोशिश की। लेकिन युसुफ कभी कभार दिल्ली से मिलने आता था। लेकिन तीसरा शख्स अनुज फैक्ट्री में अक्सर उससे मिलता था। लिहाजा प्रेमिका उससे दूरी नहीं बना पाई। यह बात युसुफ को बर्दाश्त नहीं हुई और उसने हत्या करने की ठानी।
योजना के मुताबिक वह उसमें कामयाब भी हो गया। लेकिन अपराध करने के बाद वह ज्यादा दिन पुलिस की नजरों से नहीं बच पाया। खुलासे के दौरान उसके चेहरे पर प्रेमिका की हत्या का जरा भी अफसोस नजर नहीं आया।