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संसद घेराव के लिए सैकड़ों किसानों ने किया दिल्ली कूच

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बहादराबाद टोल प्लाजा पर दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर के लिए कूच से पूर्व प्रदर्शन करते किसान। - फोटो : HARIDWAR
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कृषि कानूनों के विरोध में संसद घेराव के लिए स्थानीय किसानों ने गाड़ियों के काफिले के साथ दिल्ली कूच किया। इससे पहले किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ हुंकार भरते हुए कहा कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी तक वे भी घर वापसी नहीं करेंगे। सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है, जिसका खामियाजा आने वाले समय में भुगतना पड़ेगा।
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कृषि कानूनों की वापसी के लिए दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में शामिल होकर जिलेभर के किसान भी समय-समय पर अपना समर्थन देते हैं। स्थानीय किसान धरने में पहुंचकर सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक रहे हैं। 22 जुलाई को किसान संयुक्त मोर्चा ने शीतकालीन सत्र के दौरान संसद के घेराव का एलान किया है। इसके लिए कई प्रदेशों से किसान दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार सुबह नारसन क्षेत्र से सैकड़ों किसानों ने गाड़ियों के काफिले से दिल्ली की ओर कूच किया। किसानों ने अपनी गाड़ियों पर बाकायदा तिरंगा लगाया हुआ था। दिल्ली कूच करने से पूर्व भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के गढ़वाल मंडल महामंत्री अरविंद राठी ने कहा कि दिल्ली में चल रहे धरने में जिले से हजारों किसान पहले ही जा चुके हैं। जिले के किसान कंधे से कंधा मिलाकर किसान हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं।
बुधवार को भी सैकड़ों किसान दिल्ली जा रहे हैं। केंद्र सरकार की ओर से जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा, किसान भी घर वापसी नहीं करेंगे। सरकार कृषि कानूनों को जबरन किसानों पर थोपना चाहती है, लेकिन किसान इसके विरोध में पीछे नहीं हटेंगे। दिल्ली में किसानों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान दिल्ली कूच करने वालों में मेजर राणा, टोनी, विक्की राठी, बिट्टू ,लालू, रमेश, मनोज राठी, हरदीप राठी, जोनी ,कुलदीप तोमर, राजीव राठी, अंकुर, अक्षय, अभिषेक आदि शामिल रहे।
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संसद घेराव में शामिल होने को किसानों ने किया कूच
मंगलौर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी बुधवार को गुड़ मंडी कार्यालय पर एकत्र हुए और मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी के नेतृत्व में गाजीपुर बॉर्डर धरनास्थल के लिए कूच किया। दर्जनों गाड़ियों में किसान दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस मौके पर संजय चौधरी ने कहा कि दिल्ली में लगभग आठ माह आंदोलन को हो गए हैं। सरकार ने कोरोना काल में जो कृषि कानून बनाए थे, वह पूर्ण रूप से किसान विरोधी हैं। किसान लगातार उनका विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में 22 जुलाई को दिल्ली में संसद का घेराव किया जाएगा और जो आगामी कार्यक्रम होंगे किसान उसमें भी शामिल होंगे। इस दौरान कोषाध्यक्ष सुक्रमपाल सिंह, युवा प्रदेश सचिव अंकुर चौधरी, वीरेंद्र पाल, सचिन बालियान, अश्वनी प्रधान, कंवरपाल, विजय, अरविंद राठी, योगेंद्र सिंह ढिल्लो, सरदार सोभा सिंह, गुड्डू, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र बाबा, कुलदीप कुमार, यशपाल सिंह, मेजर राणा और धर्मेंद्र सिंह आदि शामिल थे। संवाद
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