बीएसएम पीजी कालेज में मनमानी फीस के विरोध में बुधवार को छात्र-छात्राओं ने जमकर हंगामा काटा। गुस्साए छात्र-छात्राओं ने कालेज के सामने हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे आधे घंटे तक मार्ग पर आवागमन बाधित रहा। साथ ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र-छात्राओं को जबरन हाईवे से हटाकर कालेज के भीतर कर दिया। इसके बाद छात्रों ने कालेज परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। हंगामे के बाद कालेज के प्रधानाचार्य ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया। साथ ही शनिवार तक समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। वहीं छात्रों ने मनमानी फीस पर रोक नहीं लगने पर दुबारा से हाईवे पर जाम लगाने और आंदोलन की चेतावनी दी है।
विरोध प्रदर्शन और हंगामा कर रहे छात्रों का कहना था कि एडमिशन के समय कालेज प्रबंधन की ओर से एक मुश्त फीस जमा करा ली गई थी। साथ ही दुबारा कोई फीस नहीं वसूलने का भी भरोसा दिलाया गया था, लेकिन अब ग्रेजुएशन और पीजी के छात्रों से 1500 रुपये से लेकर 2200 रुपये तक डिमांड की जा रही है। इससे छात्र-छात्राओं में आक्रोश है और वे विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मनमानी फीस पर रोक नहीं लगाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इससे पहले गुस्साए छात्रों ने एकत्रित होकर हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही थम गई। दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
हाईवे जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र-छात्राओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नहीं मानने पर उन्हें जबरन कालेज परिसर के अंदर कर दिया। इसके बाद छात्रों ने अंदर ही विरोध प्रदर्शन और बेमियादी धरना शुरू कर दिया। इस पर कालेज के प्रधानाचार्य विपिन गौतम ने छात्रों को वार्ता के लिए बुलाया और शनिवार तक समस्या समाधान का भरोसा दिलाया। इस पर छात्रों ने धरना खत्म किया। साथ ही छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि शनिवार तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे दुबारा से आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
दूसरी ओर कालेज के प्रधानाचार्य विपिन गौतम का कहना है कि छात्र-छात्राओं से कोई मनमानी फीस नहीं ली जा रही है, बल्कि निर्धारित फीस ही जमा कराई जा रही है। इसके बावजूद बाहर के कुछ लोग कालेज का माहौल खराब करना चाहते हैं। यही कारण है कि धरना-प्रदर्शन और हंगामा किया जा रहा है। प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं में शारुख मलिक, मयंक, मनोज, अनश, रोहित, शिवम, यशु, कादिर, आयशा, सीमा, याशी आदि शामिल थे।