रुड़की नगर निगम सभागार में आयोजित तहसील दिवस के मौके पर लोगों की समस्या सुनते डीएम, ज्वाइंट मजिस्
- फोटो : ROORKEE
साहब! पांच बेटे और बहू मेरे साथ मारपीट करते हैं। जीवन यापन के लिए खर्च और दवा के लिए पैसे मांगने पर मारपीट करते हैं और घर से बाहर निकालने की धमकी दे रहे हैं। नगर निगम में आयोजित तहसील दिवस पर देर से पहुंचे वृद्ध की यह बात सुनकर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने उसे सरकारी गाड़ी में तहसील पहुंचवाया। इसके बाद बेटों पर मुकदमे के निर्देश दिए।
मंगलवार को निगम में तहसील दिवस पर जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय सुनवाई के लिए पहुंचे थे। तहसील दिवस के समाप्त होने पर जब डीएम चले गए तो पीरपुरा थाना मंगलौर निवासी 70 वर्षीय वृद्ध शेरसिंह हांफते हुए पहुंचे। ज्चाइंट मजिस्ट्रेट की नजर वृद्ध पर पड़ी तो उन्होंने समस्या पूछी। शेरसिंह ने बताया कि उन्हें सरकारी योजना के तहत कई साल पहले मकान मिला था। उसमें वह अपने पांच बेटों और बहुओं के साथ रहते हैं। बेटे और बहू उन्हें तंग कर रहे हैं। वह अपने बेटों से जीवन यापन के लिए खर्च और दवा के लिए पैसे मांगते हैं तो बेटे और उनकी पत्नियां गाली-गलौज व मारपीट करते हैं। घर से बाहर निकालने की धमकी देते हैं। इसपर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने वृद्ध को नगर निगम की गाड़ी से तहसील में अपने ऑफिस भिजवाया। आफिस में ही वृद्ध के प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट तैयार कराकर सीओ मंगलौर पंकज गैरोला को भरण पोषण अधिनियम और मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।